भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाले ऐतिहासिक डे-नाइट टेस्ट (Day Night Test) को लेकर दोनों ही टीमों के खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं। 22 नवंबर को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होने वाले इस मैच के पहले चार दिन के पूरे टिकट बिक चुके हैं, जिससे साफ है कि दर्शकों में भी इस मैच को लेकर काफी दिलचस्पी है।Also Read - IND vs SA: एक सप्‍ताह आगे खिसक सकता है भारत का द. अफ्रीका दौरा, BCCI अधिकारी ने बताई वजह

Also Read - IND vs SA- अभी बरकरार रखेंगे साउथ अफ्रीका दौरा, स्थगन का फैसला करने के लिए समय है: Sourav Ganguly

दर्शकों के लिए ये फ्लडलाइट्स के बीच शाम को टेस्ट मैच देख पाने का एक मौका होगा, वहीं खिलाड़ियों के लिए शाम को गुलाबी गेंद से खेल पाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि खिलाड़ियों के साथ अंपायरों को भी इस चुनौती से गुजरना होगा जिसके लिए उन्हें खास तैयारी की जरूरत पड़ेगी, ऐसा मानना है कि दिग्गज अंपायर साइमन टॉफेल (Simon Taufel) का। Also Read - भारत में ही खेला जाएगा आईपीएल का 15वां सीजन: BCCI सेक्रेटरी जय शाह

टॉफेल ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वो गेंद को अलग तरह से देखने के लिए किसी तरह के विशेष लेंस का उपयोग करेंगे या नहीं। ये पूरी तरह से उन पर निर्भर करता है। लेकिन वो जितना अधिक संभव तो उतने नेट सेशन में हिस्सा लेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वो नेट सेशन और सामंजस्य बैठाने की गतिविधियों से गुजरेंगे। अंधेरा होने के समय जब रोशनी में बदलाव आएगा तो बल्लेबाज के सामने गेंद को देखने की चुनौती होगी। मैं अंपायरों के लिए भी इसी तरह की चुनौती की उम्मीद कर रहा हूं। अंपायरों के लिए भी ये उतना ही कड़ा और चुनौतीपूर्ण होगा।’’

Pink Ball Test: ऐतिहासिक टेस्‍ट से पहले टीम इंडिया पहुंची कोलकाता, देखें वीडियो

अपनी किताब ‘फाइंडिंग द गैप्स’ के प्रचार के लिए भारत आए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई अंपायर टॉफेल के कोलकाता में एतिहासिक टेस्ट के दौरान मौजूद रहने की संभावना है। टॉफेल का मानना है कि बांग्लादेश के खिलाड़ी अधिक सतर्कता के साथ खेलेंगे क्योंकि उन्हें गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव नहीं है। भारत के कई क्रिकेटरों ने घरेलू क्रिकेट में गुलाबी गेंद से खेला है लेकिन बांग्लादेश ने एकमात्र चार दिवसीय डे-नाइट मैच 2013 में खेला था और मौजूदा टीम के किसी भी सदस्य ने उस मैच में हिस्सा नहीं लिया था।

टॉफेल ने कहा, ‘‘मुझे जानकारी नहीं है कि बांग्लादेश ने गुलाबी गेंद से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला है या नहीं। दोनों टीमों के बीच उनके (बांग्लादेश) के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि उन्हें खेल के सबसे कड़े प्रारूप जिसे खेल का शीर्ष माना जाता है, उसे नए रंग की गेंद से खेलना है जिसके वे आदी नहीं हैं।’’