सोमवार रात भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने वाली भारतीय टेस्ट, वनडे और टी20 टीम का ऐलान किया। इस घोषणा के साथ तमिलनाडु के मिस्ट्री स्पिन वरुण चक्रवर्ती (Varun Chakravarthy) को टीम इंडिया के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने का मौका मिला। Also Read - David Warner को ग्रोइन इंजरी, पत्नी बोलीं- चोट का कारण मैदान नहीं बेड है

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ओर से खेलते हुए फैंस और चयनकर्ताओं को प्रभावित करने वाले चक्रवर्ती के पहली बार तमिलनाडु प्रीमियर लीग के जरिए पहचान मिली थी। जहां उनके श्रीलंकाई दिग्गज अजंता मेंडिस जैसे एक्शन को देखकर उन्हें मिस्ट्री स्पिनर का टैग दिया गया था। Also Read - वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 12 हजार रन, Sachin Tendulkar को पछाड़ सबसे आगे Virat Kohli

हालांकि आपको ये जानकर हैरानी होगी कि चक्रवर्ती के क्रिकेटर करियर की शुरुआत स्पिनर के तौर पर नहीं हुई। दरअसल वो तो क्रिकेटर बनना ही नहीं चाहते थे। कर्नाटक के बिदर में पैदा हुए चक्रवर्ती साल 2015 तक बतौर आर्किटेक्ट काम किया करते थे लेकिन इस नौकरी से उन्हें आर्थिक तौर पर खास मदद नहीं मिल पा रही थी। जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट का रुख किया। Also Read - ग्लेन मैक्ग्रा ने चुने वनडे क्रिकेट में अपने 5 बेस्ट बॉलर, मौजूदा दौर का कोई नहीं

स्कूल में वरुण अक्सर विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका में खेलते थे लेकिन आर्किटेक्ट की नौकरी छोड़ने के बाद जब उन्होंने क्रिकेट को दूसरा मौका देने का सोचा तो वो बतौर मीडियम पेसर मैदान पर उतरे। लेकिन घुटने की चोट ने उन्हें ऑफ स्पिन से जोड़ दिया।

वरुण की किस्मत तब खुली जब डिवीजन लीग में उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर टीएनपीएल की टीम कराइकुडी कालिस ने उन्हें साल 2017 में ड्रॉफ्ट किया। जहां से उन्हें ना केवल तमिलनाडु की इस बड़ी लीग में खेलने का मौका मिला बल्कि केकेआर टीम से भी वो बतौर नेट गेंदबाज जुड़ गए। उस सीजन उन्होंने 10 मैचों में 4.7 की इकॉनामी रेट के साथ 9 विकेट लिए।

डेब्यू सीजन में शानदार प्रदर्शन के बाद 2018 के टीएनपीएल सीजन में मदुरई पैंथर्स ने इस स्पिनर को अपने स्क्वाड में शामिल किया। उस सीजन पैंथर्स टीम फाइनल तक पहुंची और निर्णायक मुकाबले में वरुण ने चार ओवर में मात्र 9 रन देकर दो विकेट हासिल किए और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

इसके बाद चक्रवर्ती को विजय हजारे ट्रॉफी 2018-19 के लिए तमिलनाडु की स्टेट टीम में चुना गया। विजय हजारे टूर्नामेंट में चक्रवर्ती ने 4.23 की इकॉनामी के साथ 22 विकेट झटके। जहां से उन पर बड़ी आईपीएल फ्रेंचाइजियों की नजर पड़ी और 2019 आईपीएल सीजन की नीलामी के दौरान किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें 8.4 करोड़ में खरीदा। हालांकि पंजाब टीम ने उस सीजन कंधे की चोट के जूझ रहे चक्रवर्ती को मात्र एक ही मैच खिलाया और फिर अगले सीजन की नीलामी से पहले स्क्वाड से रिलीज कर दिया।

13वें सीजन की नीलामी के दौरान केकेआर ने वरुण चक्रवर्ती को 4 करोड़ रुपये में खरीदा। चक्रवर्ती इस सीजन अब तक खेले 11 मैचों में कुल 13 विकेट ले चुके हैं, जिसमें एक शानदार पांच विकेट हॉल भी शामिल है। इसी प्रदर्शन के दम पर बीसीसीआई ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह दी है। देखना होगा ऑस्ट्रेलिया के बड़े मैदानों पर चक्रवर्ती क्या कमाल कर पाते हैं।