नई दिल्ली. विदर्भ ने सौराष्ट्र को फाइनल में 78 रन से हराकर लगातार दूसरी बार रणजी ट्राफी खिताब जीत लिया और यह साबित भी कर दिया कि पिछले साल मिली खिताबी जीत ‘तुक्का ’ नहीं थी . विदर्भ टूर्नामेंट के इतिहास की छठी टीम है जिसने खिताब बरकरार रखा है . मुंबई, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और दिल्ली ने इससे पहले लगातार दो खिताब जीते हैं .

सौराष्ट्र 2012-13 और 2015-16 में भी उपविजेता रहा था. चेतेश्वर पुजारा का नाकाम रहना सौराष्ट्र को बुरी तरह खला. दूसरी ओर वसीम जाफर का बल्ला नहीं चलने के बावजूद विदर्भ ने जीत दर्ज की .

विदर्भ के कोच चंद्रकांत पंडित ने कहा ,‘‘ हर किसी को लगा था कि पिछली बार हमने तुक्के में खिताब जीत लिया . हम पर खिताब बरकरार रखने का दबाव था लेकिन हमारा फोकस प्रक्रिया पर था . हमने साख की कभी चिंता नहीं की.’’ विदर्भ की जीत में मैन आफ द मैच बने बायें हाथ के स्पिनर आदित्य सरवटे जिन्होंने मैच में 57 रन देकर 11 विकेट चटकाए, जिसमें दूसरी पारी के छह विकेट शामिल हैं.

इससे पहले सौराष्ट्र के लिये मकवाना और विश्वराज ने सरवटे को संभलकर खेला. उमेश यादव और सरवटे को सफलता नहीं मिलते देख विदर्भ ने अक्षर वखारे को गेंद सौंपी.वखारे ने नये बल्लेबाज प्रेरक मांकड़ (दो) को आउट करके सौराष्ट्र का स्कोर सात विकेट पर 91 रन कर दिया. विश्वराज ने अपना अर्धशतक पूरा किया लेकिन सरवटे ने उन्हें और विरोधी कप्तान जयदेव उनादकट को पवेलियन भेजा. वखारे ने जडेजा को सरवटे के हाथों लपकवाकर पारी का अंत किया.