नई दिल्ली. टीम इंडिया की टेस्ट टीम की रीढ़ और ऑस्ट्रेलिया में पहली सीरीज जीत के नायक चेतेश्वर पुजारा रातों रात फैंस के लिए खलनायक बन गए हैं. भारतीय क्रिकेट फैंस , जो कल तक उनका गुणगाण करते नहीं थक रहे थे, आज उन्हें चीटर कहकर पुकार रहे हैं. दरअसल, इसकी वजह है रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में बल्लेबाजी के दौरान उनकी की हुई वो हरकत , जिसने उनके चैम्पियन बल्लेबाज होने के दामन पर दाग लगा दिया है.

पुजारा की ‘बेईमानी’!

सेमीफाइनल मुकाबले में पुजारा जब चौथी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरे तो एक गेंद उनके बल्ले का किनारा लेती हुई विकेटकीपर के हाथों में समा गई. इस पर कर्नाटक की टीम ने जोरदार अपील की लेकिन अंपायर को जैसे सांप सूंघ गया. उसने आउट नहीं दिया. जबकि, टीवी रिप्ले में पुजारा क्लियर आउट थे. अंपायर ने तो गलती की ही खुद जिसे सबसे ज्यादा मालूम होता है कि क्या हुआ, यानी कि बल्लेबाज, और जो कि पुजारा थे, उन्होंने भी इसे नजर अंदाज कर दिया.

चैम्पियन छवि पर दाग!

अमूमन हर बड़ा बल्लेबाज ऐसे मौके पर खुद ही क्रीज छोड़ देता है. संचिन तेंदुलकर इंटरनेशनल मुकाबलों में ऐसा कई बार कर चुके हैं. यहां तक कि धोनी भी कई मौकों पर खुद ही चल पड़े हैं. लेकिन, पुजारा ने यहां चैम्पियन वाला जिगर नहीं दिखाया. बस यही बात क्रिकेट फैंस को चुभ गई और उन्होंने पुजारा को चीटर कह दिया.

पुजारा जब विकेट के पीछे लपके गए थे तब वो 1 रन पर खेल रहे थे. लेकिन, इस जीवनदान के बाद जब उन्होंने सैकड़ा जमाया तो भी फैंस को खुशी नहीं हुई बल्कि वो उन्हें चीटर ही कहते रहे.

पुजारा ने इस मैच में नाबाद 131 रन की पारी खेली और कर्नाटक की 5 विकेट से हार की स्क्रिप्ट लिखते हुए सौराष्ट्र को रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचाया.