मुंबई: 24 गेंद पर 21 रन. 13वें ओवर में जब रविंद्र जडेजा आउट हुए तो ओपनिंग करने आए फाफ डुप्लेसी ने इतनी ही गेंदें खेली थीं. न ही उनकी बल्लेबाजी में वह विश्वास दिख रहा था जिससे तय लगती हार के जीत में तब्दील होने की उम्मीद बंधे. लेकिन इसके बाद उन्होंने ऐसा रंग बदला कि सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाज बड़ी मुश्किल से मुकाबले को अंतिम ओवर तक खींच पाए. 20वें ओवर की पहली गेंद पर जब उन्होंने गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के सर के उपर से छक्का लगाया तो टीम के साथी खिलाड़ी तो मैदान पर दौड़ लगाने से खुद को नहीं ही रोक सके, स्टैंड में बैठी साक्षी धोनी भी जोर-जोर से चिल्लाकर खुशी जताने लगी.

डुप्लेसी ने अपनी अगली 18 गेंदों पर 41 रन ठोक डाले. 18वें ओवर में कार्लोस ब्रेथवेट की गेंद पर 20 रन बनाकर हारी हुई बाजी में अपनी टीम को बराबरी पर ला खाड़ा किया. इसके बाद उन्हें शार्दुल ठाकुर का भरपूर सहयोग मिला जब उन्होंने सिद्धार्थ कौल की गेंदबाजी पर 19वें ओवर में तीन चौके लगाकर मुकाबले को आसान बना दिया. इसके बाद डुप्लेसी का वह सिक्सर आया जिसने चेन्नई को रिकॉर्ड सातवीं बार आईपीएल के फाइनल में पहुंचा दिया. 15वें ओवर तक मुकाबले में काफी पीछे चल रही चेन्नई की जीत की उम्मीद उसके कई समर्थकों ने भी छोड़ दी थी. यही कारण है कि जीत मिलने के बाद टीम के खिलाड़ी दौड़ते हुए मैदान में घुस आए. ड्वेन ब्रावो एक बार फिर अपने डांसिंग स्किल्स दिखाने लगे.

हालांकि, मुकाबले के बदलते मिजाज का सबसे अच्छा अंदाजा चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी के बदतले हाव-भावों से मिला. चेन्नई के बल्लेबाज जब आउट हो रहे थे तो उनके चेहरे की निराशा साफ दिख रही थी, लेकिन डुप्लेसी ने सिक्सर लगाया तो वो भी जोर-जोर से चिल्लाने लगी.