नई दिल्ली: भारतीय टीम से बाहर चल रहे नमन ओझा के खराब मैदानी बर्ताव के कारण मैच 20 मिनट तक रुका रहा लेकिन इसके बावजूद दिल्ली ने गुरुवार को विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप बी मैच में मध्य प्रदेश को 75 रन से हरा दिया. Also Read - विजय हजारे ट्रॉफी 2018: मुंबई की नजरें खिताबी जीत पर, दिल्ली के सामने बड़ी चुनौती

Also Read - विजय हजारे ट्रॉफी 2018: मुंबई ने हैदराबाद को 60 रन से हराया, फाइनल में बनायी जगह

मैच पर बुरा असर डालने वाली घटना पारी के 28वें ओवर में हुई. बायें हाथ के बल्लेबाज राणा तब 26 रन बनाकर खेल रहे थे. उन्होंने बायें हाथ के स्पिनर रमीज खान की गेंद पर स्वीप शॉट खेला और स्क्वायर लेग पर फील्‍डर ने कैच लपक लिया. मध्य प्रदेश के खिलाड़ी जश्न मनाने लगे लेकिन राणा खड़े रहे. Also Read - विजय हजारे ट्रॉफी 2018: रोहित रायडू ने जड़ा शानदार शतक, मुंबई को 247 रन का लक्ष्य

अंपायर राजीव गोदारा इसके बाद स्क्वायर लेग अंपायर नवदीप सिंह के पास पहुंचे और चर्चा के बाद दोनों ने तीसरे अंपायर (इस मामले में मैच रैफरी) से रेफरल मांगा. रिप्ले देखने के बाद मैच रैफरी नितिन गोयल ने राणा को नॉट आउट करार दिया जिसके बाद एक टेस्ट, एक वनडे और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले ओझा ने आपा खो दिया.

उन्होंने गोदारा की ओर अंगुली उठाकर गुस्से में प्रथम श्रेणी अंपायर के रूप में उनकी क्षमता पर सवाल उठाए. मैच रैफरी गोयल को इसके बाद मैदान पर आना पड़ा क्योंकि लगभग 20 मिनट तक खेल रुका रहा. इसके बाद मैच दोबारा शुरू हुआ. ओझा को खेल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि गोयल के इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है.

पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सैयद किरमानी ने दिया सुझाव, टीम इंडिया को चाहिए विकेटकीपिंग कोच

मैच में दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नितीश राणा की 98 गेंद में 10 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 107 रन की पारी की बदौलत आठ विकेट पर 284 रन बनाए. राणा ने ध्रुव शोरे (67) के साथ तीसरे विकेट के लिए 147 रन जोड़े. इससे पहले कप्तान गौतम गंभीर (41) और उन्मुक्त चंद (41) ने पहले विकेट के लिए 89 रन जोड़कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी. अपने कप्तान के खराब बर्ताव के कारण ध्यान भटका चुकी मध्य प्रदेश की टीम इसके जवाब में 42.4 ओवर में 209 रन पर सिमट गई. कामचलाऊ स्पिनर ललित यादव ने 25 रन देकर पांच विकेट चटकाए. लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश की टीम कभी लक्ष्य हासिल करने की स्थिति में नहीं दिखी और ललित ने अपने करियर में पहली बार पांच विकेट हासिल किए.

पृथ्वी शॉ के फैन हुए सचिन-सहवाग, शतक के बाद भेजा खास मैसेज

इस जीत के साथ दिल्ली के सात मैचों में 22 अंक हो गए हैं और टीम राष्ट्रीय चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के करीब है.