नई दिल्ली. वर्ल्ड कप करीब है और इसे लेकर भारतीय थिंक टैंक के बीच 15 खिलाड़ियों को चुनने को लेकर माथापच्ची लगातार जारी है. विजय शंकर वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाने के एक बड़े दावेदार है. शंकर की दावेदारी को धोनी से मिली सीख ने अब और भी मजबूत कर दिया है. शंकर के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर उन्होंने धोनी से आर्ट ऑफ चेजिंग यानी लक्ष्य का पीछा कर खेल को खत्म करने का हुनर सीखा. इस हुनर को सीखने से बल्लेबाजी में उन्हें जबरदस्त फायदा मिला है.

धोनी से सीखा टारगेट भेदना

विजय शंकर ने कहा, ” मैं खुशनसीब हूं कि मेरे आसपास धोनी जैसे सीनियर प्लेयर हैं. मैं उन्हें खेलते देखकर काफी कुछ सीखता हूं और वही मेरे लिए मुकाबले की तैयारी होती है. ” शंकर के मुताबिक, ” धोनी से खासकर तब ज्यादा सीखता हूं जब वो रन चेज कर रहे होते हैं. दिमाग को शांत रखकर पारी को कैसे आगे बढ़ाते हैं और कैसे लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है, धोनी की बल्लेबाजी इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है.”

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जगह को लेकर इनसे मुकाबला

टीम इंडिया की वर्ल्ड कप टीम में चुने जाने को लेकर विजय शंकर का मुकाबला केदार जाधव और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों से हैं. बड़े से बड़ा टारगेट भेदकर फीनिशर बनने का हुनर धोनी से शंकर ने सीखा तो है लेकिन वर्ल्ड कप खेलने के लिए इसे मैदान पर सच भी कर दिखाना होगा. जाहिर है ऐसा करने के लिए शंकर के पास बस ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज है.

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ऑस्ट्रेलिया सीरीज को भुनाना होगा

टीम इंडिया के चीफ सलेक्टर एमएसके प्रसाद पहले ही ये बयां कर चुके हैं वर्ल्ड कप के लिए टीम को लेकर ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद तस्वीर लगभग साफ हो जाएगी. अब इस तस्वीर में शंकर कहां फिट बैठते हैं, फिट बैठते हैं भी या नहीं , ये सब इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्होंने धोनी से सीखे पाठ को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अमलीजामा पहनाकर अपनी ठाठ कैसे जमाई है.