नई दिल्ली. नागपुर का मुकाबला जैसे जैसे आगे बढ़ा कभी जीत ने भारत का दामन थामा तो कभी ऑस्ट्रेलिया की ओर करवट लिया. रोमांचक पलों से होते हुए मैच आखिरी ओवर तक पहुंचा, जहां 6 गेंदों पर ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए सिर्फ 11 रन की दरकार थी. स्टॉयनिस जैसे स्टार ऑलराउंडर के क्रीज पर होते हुए ऑस्ट्रेलिया के लिए ये टारगेट मुश्किल नहीं लग रहा था. ऊफर से भारत के डेथ ओवर स्पेशलिस्ट जसप्रीत बुमराह का ओवर भी खत्म हो चुका था. समस्या ये थी कि शमी का ओवर नहीं बचा था. ऐसे में कप्तान कोहली ने गेंद थमाई शंकर को, जिन्होंने अपने नाम के मुताबिक काम किया और सिर्फ 3 गेंदों पर ऑस्ट्रेलिया के पराजय की स्क्रिप्ट लिख दी.

शंकर की पहली गेंद

मैच के अपने पहले ओवर में 13 रन लुटा चुके विजय शंकर जब तैयार हुए भारत की जीत की गुंजाइश कम ही लग रही थी क्योंकि सामने मार्कस स्टॉयनिस थे. वो बल्लेबाज जो बिगबैश लीग में रनों का अंबार खड़ा कर भारत आया था. नागपुर की पिच पर अर्धशतक जमाकर खड़े स्टॉयनिस को शंकर ने गेंद डाली और पहली ही गेंद पर LBW कर दिया. स्टॉयनिस ने रिव्यू लिया पर कोई फायदा नहीं. इस विकेट के साथ ही शंकर ने मैच में विजय का कांटा भारत की ओर मोड़ दिया.

शंकर की दूसरी गेंद

अब ऑस्ट्रेलिया को 5 गेंद पर 11 रन चाहिए थे लेकिन तभी दूसरी गेंद पर ऑस्ट्रेलिया 2 रन चुराने में कामयाब रहा और लक्ष्य घटकर 4 गेंद पर 9 रन हो गया.

शंकर की तीसरी गेंद

आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर शंकर ने जंपा की गिल्लियां बिखेरते हुए भारत को वो बेशकीमती विजय दिला दी, जिसने उसे सीरीज में 2-0 की बढ़त भी दिला दी और नंबर वन टीम बनने की ओर कदम भी बढ़वा दिए.