भारत की महिला पहलवान विनेश फोगाट को इस वर्ष टोक्यो ओलंपिक में पदक की मजबूत दावेदार हैं. उन्होंने हाल में रोम रैंकिंग सीरीज टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक के साथ साल 2020 की शुरुआत की है. Also Read - भारतीय पहलवानों पर कोरोना की मार, राहुल अवारे का टेस्ट भी आया पॉजिटिव, 5 रेसलर हो चुके हैं संक्रमित

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विनेश ने तीसरी बार अनदेखी होने के बाद खिलाड़ियों को पद्म पुरस्कार देने के तरीके पर सवाल उठाते हुए पूरी प्रक्रिया को ‘अनुचित’ करार दिया है. Also Read - राष्ट्रीय खेल दिवस: पहली बार ‘वर्चुअली’ सम्मानित किए गए खिलाड़ी; रोहित और इशांत शर्मा नहीं हो सके शामिल


विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता विनेश ने रविवार को सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर ‘योग्य’ उम्मीदवारों को नहीं चुनने का आरोप लगाया.

विनेश ने अपने आधिकारिक ट्विटर पेज पर स्क्रीनशॉट डाला जिसमें लिखा था, ‘हर साल हमारी सरकार कई खिलाड़ियों को पुरस्कार देती है. इन पुरस्कारों से खेल और खिलाड़ियों की अच्छा प्रदर्शन करने के लिए हौसलाअफजाई होती है लेकिन यह भी देखा गया है कि कई बार इन पुरस्कारों के जरिए मौजूदा उपलब्धियों या खेल जगत में पिछले कुछ समय की सफलता को सम्मानित नहीं किया जाता.’

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उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि योग्य खिलाड़ी को हर बार छोड़ दिया जाता है. 2020 पुरस्कारों में भी ऐसा ही हुआ. कौन फैसला करता है कि किसे पुरस्कार मिलेगा? क्या ज्यूरी में मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी शामिल हैं. यह काम भी कैसे करता है. अंत में यह सब कुछ थोड़ा अनुचित नजर आता है.’

गौरतलब है कि विनेश के पति सोमवीर ने भी इसपर नाराजगी जताई है. सोमवीर का कहना है कि इस साल ओलंपिक का आयोजन होना है. ऐसे में यदि ये पुरस्कार विनेश को मिलता तो इससे उनका हौसला बढ़ता.