नई दिल्ली. मेलबर्न टेस्ट में मिली टीम इंडिया की जीत न सिर्फ बड़ी बल्कि एतिहासिक भी है. इस जीत के मायने अनेक हैं. ये साल 1981 के बाद MCG पर भारत को मिली पहली टेस्ट जीत है. साल 1977-78 के बाद ये दूसरी बार है जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही टेस्ट सीरीज में 2 मैच जीते हैं. इसके अलावा ये टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की 150वीं जीत भी है. लेकिन, सबसे बड़ा वास्ता इस ऐतिहासिक जीत का धोनी के टेस्ट रिटायरमेंट से है. दरअसल, 4 साल पहले जिस दिन और जिस ग्राउंड से धोनी टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हुए थे, विराट एंड कंपनी ने 4 साल बाद उसी दिन और उसी मैदान पर भारतीय क्रिकेट का झंडा बुलंद किया है. बता दें कि धोनी ने 30 दिसंबर 2014 को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड से ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था.

बॉक्सिंग डे टेस्ट में भारत की पहली जीत

मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 137 रन के बड़े अंतर से हराते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. साथ ही 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त भी ले ली है.

ये टेस्ट बॉक्सिंग डे टेस्ट था और कमाल की बात ये है कि टीम इंडिया ने इससे पहले कभी भी बॉक्सिंग डे टेस्ट नहीं जीता था. इससे पहले खेले 7 बॉक्सिंग डे टेस्ट मैचों में 5 में उसे हार मिली थी जबकि 2 बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच ड्रॉ रहे थे. ऐसे में विराट की कमान में इस बार टीम इंडिया ने उस इतिहास को पलटते हुए जीत का चोला पहना और बॉक्सिंग डे टेस्ट में पहली जीत का स्वाद चखा.

पहला बार किया ये कमाल

इससे पहले एक मिथक कह लें या रिकॉर्ड समझ लें ये भी था कि टीम इंडिया ने कभी भी पहली पारी में 400+ का स्कोर बनाने के बाद ऑस्ट्रेलिया में जीत दर्ज नहीं की थी. लेकिन, विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय खिलाड़ियों ने मेलबर्न की जीत के साथ ये सिस्टम भी बदल दिया. जबकि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में 5 टेस्ट मैचों में भारत पहली पारी में 400+ का स्कोर कर चुका था, लेकिन इनमें से उसे एक में भी जीत नहीं मिली थी. 3 मुकाबले ड्रॉ रहे थे जबकि 2 मैच में उसे हार का मुंह देखना पड़ा था.

मेलबर्न तो हो गया, अब सिडनी पर नजर

हालांकि, टीम इंडिया को अभी सबसे बड़े रिकॉर्ड पर कब्जा जमाना बाकी है और वो है ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीत का. विराट की कमान में भारतीय टीम 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे है. मतलब ये है कि उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को बनाने के भी भारतीय टीम करीब है. अगर टीम इंडिया इसे कर दिखाती है तो ये न सिर्फ उसका सबसे सफल ऑस्ट्रेलिया दौरा होगा बल्कि विराट की कप्तानी के लिए भी एक बड़ा माइलस्टोन या यूं कहें कि सबसे बड़ी सफलता होगी.