भारतीय क्रिकेट टीम का तेज गेंदबाजी अटैक फिलहाल विश्व क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ है। 2018-19 सीजन में ऑस्ट्रे्लियाई जमीन पर मिली ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के पीछे जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah), इशांत शर्मा (Ishant Sharma), मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) और उमेश यादव (Umesh Yadav) वाले पेस अटैक का बड़ा हाथ था। टीम इंडिया के लिए सबसे अच्छी बात ये रही कि जैसे भारतीय तेज गेंदबाज बेहतर हो रहे हैं, वैसे वैसे तेज गेंदबाजी के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन भी सुधर रहा है। Also Read - इयान बिशप ने चुनी दशक की सर्वश्रेष्ठ ODI टीम; महेंद्र सिंह धोनी बने कप्तान, बुमराह को जगह नहीं

भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने बताया कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन में आए सुधार के पीछे टीम इंडिया के थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट डी राघवेंद्र (D Raghavendra) का हाथ हैं। उन्होंने कहा कि राघवेंद्र के साइडआर्म से 150-155 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थ्रो करने की वजह से बल्लेबाजों को तेज गेंदबाजी के खिलाफ सुधार करने में काफी मदद मिली। Also Read - इंग्लिश ऑलराउंडर ने MS Dhoni के जज्बे पर उठाए सवाल, वर्ल्ड कप में हार का ठीकरा इन 3 भारतीयों के सिर फोड़ा

बांग्लादेशी शीर्ष क्रम बल्लेबाज तमीम इकबाल से इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान कोहली ने कहा, “मेरा मानना है कि इस भारतीय टीम ने 2013 से तेज गेंदबाजी का सामना करते हुए जो सुधार दिखाया है वो रघु के कारण है।” Also Read - ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने कहा- मैं स्टीव स्मिथ को विराट कोहली से आगे रखूंगा, जानिए वजह

उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों के फुटवर्क, बल्ले की मूवमेंट को लेकर उन्हें (रघु को) अच्छी समझ है। उन्होंने अपने कौशल में इतना इजाफा किया है कि साइडआर्म के साथ आसानी से 155 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंक सकते हैं। नेट पर रघु का सामना करने के बाद जब आप मैच में जाते हो, तो आपको महसूस होता है कि गेंद खेलने के लिए आपके पास काफी समय है।”

टीम इंडिया के साथ पर्दे के पीछे से काम करने वाले रघू थ्रोडाउन फेंकने में स्पेशलिस्ट हैं। वो ना केवल 140-150 किमी की गति से थ्रोडाउन फेंकते हैं, बल्कि वो साइडआर्म के साथ रिवर्स स्विंग भी करा लेते हैं। रघू साल 2013 से भारतीय टीम के साथ सहायक ट्रेनर के तौर पर काम कर रहे हैं। कोचिंग स्टाफ के साथ कप्तान कोहली उन पर आंख बंद करके विश्वास करते हैं।