नई दिल्ली. सिडनी टेस्ट में विराट मैदान पर उतरे तो पहले की ही तरह नंबर 4 की पोजिशन पर. लेकिन, इस बार वो जिस बल्ले के साथ उतरे थे, उस पर गुलाबी रंग हावी था. बल्ले के ग्रिप से लेकर स्टिकर तक सब गुलाबी रंग में रंगा था. कोहली के ऐसा करने के पीछे एक खास वजह थी. दरअसल, सिडनी में साल की शुरुआत में खेले जाने वाले टेस्ट मैच को पिंक टेस्ट यानि की गुलाबी टेस्ट कहा जाता है. इस खास टेस्ट को स्पेशल तव्वजो देने के लिए कोहली ने अपने बैट पर गुलाबी रंग की ग्रिप चढ़ाई. यहां तक कि उनके ग्लब्स पर भी गुलाबी रंग चढ़ा दिखा.

सिडनी में शानदार विराट

बहरहाल, पिंक टेस्ट का इतिहास और सिडनी से इसका कनेक्शन क्या है वो हम आपको बताएं उससे पहले ये जान लेते हैं कि बल्ले के बदले रंग के साथ विराट ने सचिन, लारा , पॉन्टिंग के बनाए इंटरनेशनल क्रिकेट को कैसे धराशायी किया. दरअसल, सिडनी टेस्ट की पहली पारी में विराट आउट तो हुए सिर्फ 23 रन बनाकर. लेकिन इस 23 रन की छोटी पारी से उन्होंने वो कमाल कर दिखाया जिसने उन्हें दिग्गजों की लिस्ट में सबसे ऊपर पहुंचा दिया.

23 रन की पारी से तोड़ा इंटरनेशनल रिकॉर्ड

सिडनी टेस्ट की पहली पारी में 23 रन के साथ विराट ने अपने 19000 इंटरनेशनल रन भी पूरे किए. इस मुकाम तक वो सबसे तेज पहुंचने वाले बल्लेबाज हैं. विराट ने 19000 इंटरनेशनल रन तक पहुंचने के लिए सिर्फ 399 पारियां खेली हैं. इस मामले में विराट ने सचिन के 432 पारियों का रिकॉर्ड तोड़ा है. ब्रायन लारा ने 433 पारियों में ये उपलब्धि हासिल की थी. जबकि रिकी पॉन्टिंग ने 444 पारियां और जैक कैलिस ने 19000 इंटरनेशनल रन बनाने के लिए 458 पारियां खेली.

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पिंक टेस्ट का इतिहास

बड़ी बात ये है कि विराट ने ये उपलब्धि पिंक टेस्ट में हासिल की है, जिसका सिडनी से खास कनेक्शन रहा है. सिडनी में पिंक टेस्ट पहली बार 2009 में खेला गया था. पहली बार ये टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया और द. अफ्रीका के बीच खेला गया था. इसके बाद से ही ये प्रथा लगातार चलती आ रही है. अभी तक 10 पिंक टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं और इस बार भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा सिडनी टेस्ट 11वां पिंक टेस्ट मैच है.

मैक्ग्रा फाउंडेशन के लिए फंड

पिंक टेस्ट मैच के तीसरे दिन को ‘जेन मैक्ग्रा डे’ के नाम से जाना जाता है. इस दिन फैंस अपना इस मुहिम के प्रति अपना समर्थन दिखान के लिए गुलाबी रंग के कपड़े पहनते हैं, जिससे सिडनी क्रिकेट ग्राउंड गुलाबी समंदर सा दिखाई देता है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ ग्लेन मैक्ग्रा की पत्नी जेन मैक्ग्रा की मौत स्तन कैंसर की वजह से हुई थी. इस टेस्ट मैच से जुटाई गई राशि को ग्लेन मैक्ग्रा फाउंडेशन को दिया जाता है. ये फाउंडेशन ऑस्ट्रेलिया में स्तन कैंसर के प्रति लोगों को जागरुक करने के साथ-साथ शिक्षा के लिए भी काम करती है.