साल 2014 में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद टेस्ट टीम के कप्तान बने विराट कोहली (Virat Kohli) को 2017 में सभी फॉर्मेट का कप्तान बनाया गया। हालांकि पिछले कुछ समय से फैंस और समीक्षक अलग-अलग फॉर्मेट में अलग कप्तान बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। Also Read - राहुल द्रविड़ ने उठाया बड़ा सवाल- टेस्ट मैच के दूसरे दिन खिलाड़ी संक्रमित निकला तो क्या होगा?

हालांकि पूर्व इंग्लिश कप्तान नासिर हुसैन (Naseer Hussain) का मानना है कि टीम इंडिया में ये फॉर्मुला काम नहीं करेगा क्योंकि कोहली जैसा प्रभावशाली इंसान किसी के साथ कप्तानी बांट नहीं सकता। Also Read - शोएब अख्तर ने कहा- कट या पुल शॉट नहीं खेल पाते हैं विराट कोहली

हुसैन ने क्रिकबज के साथ पोडकास्ट में कहा, ‘‘ये आपके चरित्र पर निर्भर करता है। विराट (कोहली) रौबदार इंसान है और उनके लिए कप्तानी किसी और को सौंपना मुश्किल होगा। वो किसी को कुछ भी देना नहीं चाहेगा। दूसरी तरफ इंग्लैंड में हमारे पास इयोन मोर्गन और जो रूट के रूप में दो एक जैसे चरित्र के कप्तान हैं।’’ Also Read - ब्रेट ली की गुजारिश : ऑस्ट्रेलिया नहीं पाकिस्तान, वेस्टइंडीज के खिलाफ दोहरे शतक लगाएं रोहित शर्मा

चयन में गलतियां करता है भारतीय टीम मैनेजमेंट

पूर्व क्रिकेटर का कहना कि भारतीय टीम मैनेजमेंट अक्सर चयन को लेकर गलतियां करता है जैसा कि उन्होंने पिछले साल विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ किया। हुसैन ने कहा, ‘‘चयन में उन्होंने अच्छा काम नहीं किया। इसलिए इतने सारे बेहतरीन बल्लेबाज होने के बावजूद वे नंबर चार के लिए अच्छा बल्लेबाज नहीं ढूंढ पाए।’’

अलग फॉर्मेट, अलग कोच

भले ही हुसैन मानते है कि टीम इंडिया के लिए अलग-अलग कप्तान वाली नीति काम नहीं करेगी लेकिन वो इस रणनीति का समर्थन करते हैं। साथ ही उन्होंने अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच की नीति का भी समर्थन किया।

उन्होंने कहा, ‘‘कोचों के पास करने के लिए बहुत कुछ होता है, फिर चाहे फॉर्मेट के हिसाब से अलग कोच क्यों ना हो उनके पास काफी काम होता है। मैं बस केवल आपको एक नया विचार दे रहा हूं जैसे कि ट्रेवर बेलिस एक उदाहरण है। उसने सीमित ओवरों की क्रिकेट में इंग्लैंड के लिए अच्छा काम किया लेकिन हम टेस्ट मैचों में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाये हैं। इसलिए दो अलग अलग कोच रखना सही होगा।’’