नई दिल्ली. कप्तानी की सूझ-बूझ को लेकर भले ही विराट कोहली को अभी काफी पाठ पढ़ने हैं, लेकिन, रिकॉर्डों को तोड़ने में वो मास्टरी हासिल कर चुके हैं. ये रिकॉर्ड न सिर्फ वो अपने बल्ले से बल्कि अपनी कप्तानी में भी लगातार तोड़ रहे हैं. बड़ी बात ये है कि साल 2018 में तो इस मामले में भारतीय क्रिकेट में उनका जबरदस्त बोलबाला रहा है. बतौर कप्तान विराट के रिकॉर्डों के तोड़ने और बनाने की शुरुआत मेलबर्न में मिली ताजा जीत से ही करते हैं.

धोनी के टेस्ट रिटायरमेंट वाले दिन विराट एंड कंपनी ने मेलबर्न में रचा इतिहास

टॉस जीतकर टेस्ट जीतना नहीं छोड़े

मेलबर्न टेस्ट में विराट की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 137 रन से हराया. इस जीत के साथ विराट के बतौर कप्तान उन टेस्ट मुकाबलों में अजेय रहते हुए जीत की संख्या 18 पहुंच चुकी है, जिसमें उन्होंने टॉस जीता है. विराट ने अब तक 21 टेस्ट मैचों में टॉस जीते, जिसमें से एक भी मुकाबला उन्होंने गंवाया नहीं है. 18 जीत के अलावा 3 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं.

SENA कंट्री में ‘विराट’ जीत का ‘चौका’

मेलबर्न में ऐतिहासिक बॉक्सिंग डे टेस्ट जीतने के बाद विराट कोहली बतौर भारतीय कप्तान SENA कंट्री यानी साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा 4 टेस्ट जीतने वाले कप्तान बन गए हैं. विराट ने इस मामले में धोनी और पटौदी के 3-3 टेस्ट जीत के रिकॉर्ड को तोड़ा है.

‘चीकू’ ने की ‘दादा’ की बराबरी

कप्तान कोहली ने मेलबर्न टेस्ट जीतने के बाद विदेश में सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वूर्व कप्तान सौरव गांगुली के भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. हालांकि, विराट ने गांगुली के मुकाबले ये कमाल कम टेस्ट में ही कर दिखाया है. विराट ने जहां विदेशी धरती पर 24 टेस्ट में 11 टेस्ट जीते वहीं गांगुली ने 11 टेस्ट जीतने के लिए 28 टेस्ट में कप्तानी की थी.

विदेश में 50 साल पुराना रिकॉर्ड स्वाहा

साल 2018 में कोहली की कप्तानी का झंडा हर वक्त बुलंद रहा और यही वजह है कि भारतीय क्रिकेट के 50 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए विराट एंड कंपनी ने विदेशी सरजमीं पर एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 4 टेस्ट जीतने का नया रिकॉर्ड बना डाला. इससे पहले भारतीय टीम ने 1968 में 3 टेस्ट मैच जीते थे.