नई दिल्ली. एडिलेड में बढ़त के बाद पर्थ में ऑस्ट्रेलिया ने जो काउंटर अटैक किया है, उसने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को बेचैन कर दिया है. विराट की ये बेचैनी अब तभी शांत होगी जब वो मेलबर्न में फिर से कंगारुओं का शिकार करेंगे और सीरीज में बढ़त लेंगे. कप्तान कोहली की ये ख्वाहिश पूरी हो इसके लिए उनके बल्लेबाजों का चलना जरूरी है. दरअसल, पहले दो टेस्ट में पुजारा, विराट और रहाणे को छोड़ दें तो बाकी बल्लेबाज रन बनाने में नाकाम रहे हैं. उनकी इसी नाकामी पर बॉक्सिंग डे टेस्ट के शुरू होने से पहले विराट कोहली ने उनकी क्लास लगा दी और कहा, “सभी बल्लेबाजों को मिलकर कोशिश करनी होगी. मैं हर एक को अलग से नहीं कहूंगा कि किसको क्या करने की जरूरत है?”

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‘बल्लेबाज दें गेंदबाज का साथ तो बनेगी बात’

पर्थ की चैलेंजिंग विकेट पर कप्तान कोहली ने शानदार शतक जड़ा था जबकि चेतेश्वर पुजारा ने एडिलेड में भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई. लेकिन, दूसरे बल्लेबाज गेंदबाजों की बराबरी का योगदान नहीं दे पाए जिन्होंने अब तक चार पारियों में सभी 40 विकेट चटकाए हैं. विराट कोहली ने बाक्सिंग डे टेस्ट से पहले अपने बल्लेबाजों से अपील की है कि वे गेंदबाजों की शानदार कोशिशों को जाया होने से बचाएं. उन्होंने कहा,” यह बल्लेबाजों के लिए बेहद मेहत्वपूर्ण है कि वे जिम्मेदारी लें क्योंकि सभी देख सकते हैं कि हमारे गेंदबाज काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. हम जो स्कोर बना रहे हैं उसके साथ गेंदबाज कुछ भी नहीं कर पाएंगे.”

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पर्थ की हार का नहीं पड़ेगा असर

भारतीय कप्तान ने हालांकि स्पष्ट किया कि मेलबर्न टेस्ट पर उनकी एडिलेड टेस्ट में जीत या पर्थ टेस्ट में हार का कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा, ” एक टीम के रूप में मुझे नहीं लगता कि 2-0 से आगे होने, 0-2 से पिछड़ने या 1-1 से बराबर होने का इस पर कोई असर पड़ता है कि अगले दो टेस्ट में क्या होने वाला है.” बता दें कि पिछली बार जब भारत एमसीजी पर खेला था तो वह टेस्ट ड्रा समाप्त हुआ था. कोहली और अजिंक्य रहाणे ने उस मैच में शतक जड़े थे.