वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ हैदराबाद टी20 मैच में करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलकर कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने रनों की पीछा करते हुए भारत को टी20 अंतरर्राष्ट्रीय की सबसे बड़ी जीत दिलाई। 208 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने 50 गेंदो पर 6 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 94 रनों की पारी खेली।

कोहली जो कि टेस्ट और वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर हैं, टी20 अंतरराष्ट्रीय में 15वें नंबर पर हैं। ऐसे में ये पारी टी20 में उनकी रैंकिग में सुधार जरूर लाएगी। हालांकि कोहली का कहना है कि वो फॉर्मेट स्पेशलिस्ट बल्लेबाज नहीं बनना चाहते हैं।

टी20 में 12वीं बार प्लेयर ऑफ द मैच खिताब जीतने वाले कोहली ने कहा, “मैं अपने खेल को ज्यादा नहीं बदलना चाहता क्योंकि मैं तीनों फॉर्मेट खेलता हूं। मैं तीनों ही फॉर्मेट में योगदान देना चाहता हूं। मैं किसी फॉर्मेट का स्पेशलिस्ट नहीं बनना चाहता।”

अपनी पारी के बारे में भारतीय कप्तान ने कहा, “जब आप बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं तो स्कोरबोर्ड के दबाव के साथ कई सारी रुकावटें आती हैं लेकिन कुछ डॉट गेंदो के बाद खेल आपको ऐसी स्थिति में लाकर खड़ा कर देता है जहां से आपको अपने शेप पकड़कर शॉट्स खेलने होते हैं।”

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सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के आउट होने के बाद जब विराट क्रीज पर आए तो उन्होंने आने के साथ ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश शुरू कर दी। कोहली गेंद को जोर से हिट करना चाह रहे थे और इसमें कई बार बीट भी हुए। मैच के बाद उन्होंने खुद कहा कि युवा बल्लेबाज उनकी पारी के पहली हिस्से को ना फॉलो करें।

कप्तान ने कहा, “जिसने भी युवा बल्लेबाज ये मैच देख रहे हैं मेरी पारी के पहले हिस्से को फॉलो ना करें। वो बेहद खराब था और मैं ज्यादा जोर से हिट करने की कोशिश कर रहा था। बात केवल खेल को चलाते रहने की थी क्योंकि मैं केएल (राहुल) को दबाव में नहीं डालना चाहता था, इसलिए मैंने 140 की स्ट्राइक से बल्लेबाजी करने की कोशिश की, लेकिन सही से नहीं कर पाया। लेकिन जेसन (होल्डर) के ओवर के बाद मैं लय में आ गया। मैंने ये देखा कि क्या गलती हुई और पारी के दूसरे हिस्से में उसी हिसाब से खेला।”

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उन्होंने आगे कहा, “मैं अपना शेप होल्ड करने की कोशिश कर रहा था और मुझे एहसास हुआ कि मैं स्लॉगर नहीं हूं, इसलिए मैंने अपनी टाइमिंग पर निर्भर रहने की कोशिश की। जब भी मैं टी20 क्रिकेट खेलता हूं, मैं ऐसा बल्लेबाज नहीं हूं जो गेंद को हवा में मारकर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए मैदान पर आता है। मैं अपना काम करने पर ध्यान देता हूं। बतौर टीम हमारी ताकत पारी के दूसरे हिस्से में खेलने की है।”