भारतीय टीम बैंगलुरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज का आखिरी मैच जीतने के कुछ ही घंटो बाद न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गए। दरसअल भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज 19 जनवरी को खत्म हुई थी और 24 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली सीरीज के लिए भारतीय टीम को 20 तारीख को न्यूजीलैंड पहुंचना था, जिस वजह से इस तरह का ट्रेवल प्लान बनाया गया। हालांकि कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) इससे नाखुश हैं। Also Read - ICC Test Rankings: Rohit Sharma ने हासिल की करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग, R. Ashwin भी तीसरे पायदान पर

कोहली ने न्यूजीलैंड पहुंचने के बाद बीसीसीआई के ट्रेवल प्लान को लेकर नाराजगी जाहिर की। कोहली चाहते हैं कि बोर्ड ट्रेवल प्लान को लेकर फिर से विचार करे। बीसीसीआई ने हालांकि अपने ट्रेवल प्लान का बचाव किया है और कहा है कि कोहली को इस बारे में अगर कोई शिकायत थी कि उन्हें मीडिया से इस संबंध में बात करने से पहले उससे बात करनी चाहिए थी। Also Read - ये 11 खिलाड़ी टीम इंडिया में बिना वापसी किए ही ले लेंगे संन्यास!

आईएएनएस से बात करते हुए बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि कोहली को अपने विचारों से रखने का पूरा अधिकार है लेकिन बोर्ड अपनी ओर से हरसम्भव प्रयास करता है कि उसके ट्रेवल प्लान से किसी खिलाड़ी को परेशानी ना हो। Also Read - Devdutt Paddikal: शतक पर शतक लगा रहा है विराट कोहली का ये ओपनर बल्लेबाज, क्या IPL में RCB के लिए फिर करेगा कमाल

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अधिकारी ने कहा, “कोहली को मुद्दा उठाने का पूरा अधिकार है लेकिन सच कहूं तो खिलाड़ियों की सुविधा का ध्यान रखकर ही ट्रेवल प्लान तय किया जाता है। आप देखिए कि विश्व कप से पहले हमने जितना सम्भव हो सका खिलाड़ियों को स्पेस दिया और इसी क्रम में खिलाड़ियों को दिवाली के समय ब्रेक मिला।”

बीसीसीआई के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह प्लानिंग सीओए के समय की है और अगर कोहली को इससे कोई समस्या थी तो उन्हें मीडिया से नहीं बल्कि बीसीसीआई सचिव से बात करनी चाहिए थी।

अधिकारी ने कहा, “शेड्यूल टाइट था लेकिन ये शेड्यूल सीओए के समय बना था और सीईओ की निगरानी में बना था। ऐसे में कोहली को इस समस्या को बोर्ड के सामने उठाना चाहिए था। तब इसका समाधान निकल सकता था। कोहली अपनी बात कहने के लिए आजाद हैं लेकिन हर बात के लिए एक तरीका है, जिसका पालन किया जाना चाहिए था।”