नई दिल्ली : एडिलेड में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया टेस्ट मैच रोमांचक रहा. मैच के आखिरी दिन सोमवार को शुरुआत में लगा कि यह मुकाबला भारत के पक्ष में जायेगा. लेकिन फिर ऑस्ट्रेलियाई टेलएंडर्स ने काफी संघर्ष किया. इस दौरान टीम इंडिया की सांसें थमीं रहीं. कप्तान विराट कोहली के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण रहा. उन्होंने मैच के बाद इस बात का जिक्र भी किया. इसके साथ ही कोहली ने टीम के सभी खिलाड़ियों की तारीफ की. उन्होंने जसप्रीत बुमराह और चेतेश्वर पुजारा का भी जिक्र किया. Also Read - कोरोना की जंग में किसी खिलाड़ी ने दान किए लाखों तो किसी ने बोले बड़े-बड़े बोल, फैंस भी हुए दुखी

कप्तान कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘‘टेस्ट मैचों में ऐसा होता है. मैच में उतार चढ़ाव आते रहते हैं. मुश्किलें भी आती हैं. ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में अच्छा संघर्ष किया लेकिन हमने अपनी रणनीति अच्छी तरह से लागू की.’’ Also Read - COVID-19: कोरोनावायरस से छिड़ी जंग में सुरेश रैना ने मदद को बढ़ाया हाथ, डोनेट किए 52 लाख रुपये

कोहली ने टेलएंडर्स का पारी पर कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं बिल्कुल शांतचित था लेकिन आप भावनाओं को खुलकर जाहिर नहीं कर सकते. जसप्रीत (बुमराह) को उसके आखिरी ओवर में मैंने सहज रहने को कहा. गेंदबाजों पर मुझे गर्व है. हमारे पास चार गेंदबाज थे और उन्होंने 20 विकेट लिये जो बड़ी उपलब्धि है. पूर्व में हम ऐसा नहीं कर पाये.’’ Also Read - COVID-19: 'टीम इंडिया के खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए जगह की कमी पहुंचा सकती है नुकसान'

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भारतीय कप्तान ने कहा कि हमने इस मैच में बतौर टीम अच्छा प्रदर्शन किया. उन्होंने उम्मीद जतायी कि उनके बल्लेबाज आगे भी अच्छी बल्लेबाजी करके गेंदबाजों के प्रयास को सफल करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि अगर बल्लेबाज नियमित तौर पर जिम्मेदारी उठाते हैं तो हम प्रत्येक टेस्ट मैच में जीत के लिये प्रयास करेंगे. सामूहिक रूप से हमारी टीम बेहतर थी और हम जीत के हकदार थे.’’

भारत की जीत के हीरो चेतेश्वर पुजारा रहे जिन्होंने 123 और 71 रन की दो लाजवाब पारियां खेली. कप्तान कोहली ने भी उनकी सराहना की. उन्होंने कहा, ‘‘पुजारा ने अमूल्य पारी खेली. उनके धैर्य और प्रतिबद्धता से हमने वापसी की. हम जानते थे कि अच्छा स्कोर मेजबान टीम को संकोची बना देगा. कोई भी बढ़त महत्वपूर्ण होती और हमने 15 रन की बढ़त ली. इसके बाद दूसरी पारी में उसने और रहाणे ने शानदार बल्लेबाजी की.’’

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कोहली से पूछा गया कि क्या 323 रन का लक्ष्य पर्याप्त था, उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमारा निचला मध्यक्रम और निचला क्रम अच्छा प्रदर्शन कर सकता था. हमें 30-35 रन और जोड़ने चाहिए थे जिससे मैच पूरी तरह से ऑस्ट्रेलिया के हाथ से निकल जाता. पर्थ जाने से पहले हम इन चीजों पर गौर करेंगे लेकिन अगर कोई श्रृंखला से पहले मुझसे कहता कि श्रृंखला शुरू होने पर हम 1-0 से आगे हो जाएंगे तो मैं इसे हाथों हाथ लेता.’’