रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली टीम में वापसी कर रहे शिखर धवन और शानदार फॉर्म में चल रहे केएल राहुल ने। राहुल के लिए ये सीरीज टी20 विश्व कप में जगह पक्की करने का मौका था, वहीं चोट से वापसी कर रहे धवन के लिए खुद को फिर से टीम इंडिया का स्थाई सलामी बल्लेबाज साबित करने का मौका, जिसमें वो कुछ हद तक सफल हुए। Also Read - IPL 2021, RCB vs RR: विराट कोहली-देवदत्त पड्डिकल ने बनाया रिकॉर्ड, IPL इतिहास में कभी ना हुआ था ऐसा

धवन ने श्रीलंका के खिलाफ दो टी20 मैचों में 84 रन बनाए, जिसमें पुणे में बनाया अर्धशतक भी शामिल है। लेकिन धवन की इस पारी में टीम मैनेजमेंट को फिर एक बार इस मुश्किल में ला खड़ा किया है कि रोहित, राहुल और धवन में से किन दो खिलाड़ियों को सलामी बल्लेबाज के तौर पर सीमित ओवर स्क्वाड में मौका दिया जाय। भारतीय कप्तान विराट कोहली के पास इसका सीधा जवाब है। Also Read - IPL 2021, PBKS vs MI Video: मुंबई इंडियंस vs पंजाब किंग्स Playing 11s, MA Chidambaram Stadium पिच रिपोर्ट, Chennai में मौसम का हाल

कोहली ने कहा कि रोहित, राहुल और धवन तीनों ही अच्छे खिलाड़ी हैं और जो भी बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “तीनों ही सॉलिड खिलाड़ी हैं, बात आखिर में इस पर ही आती है कि कौन बेहतर प्रदर्शन करता है। रोहित लगातार अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। लोगों को उनकी तुलना एक दूसरे से नहीं करनी चाहिए, मैं इन सब में विश्वास नहीं रखता हूं।” Also Read - IPL 2021, RCB vs RR Highlights: विराट-देवदत्त के सामने रॉयल्स पस्त, 10 विकेट से यूं जीता RCB

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पुणे टी20 में श्रीलंका के खिलाफ जीत के बाद प्रेसेंटेशन के दौरान कप्तान ने कहा, “साल की अच्छी शुरुआत रही। हम सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, एक मैच में रनों की पीछा करना और दूसरे में लक्ष्य सेट करना। ये जीत काफी अहम है, इसलिए मैं खुश हूं। 200 का आंकड़ा पार करने से ही आपको एक आत्मविश्वास मिलता है। मध्य क्रम का बिखरना चुनौतीपूर्ण था लेकिन मनीष और शार्दुल ने आखिरी में अच्छा किया।”

कोहली ने आगे कहा, “हमने उन खिलाड़ियों को देखा जिन्होंने आगे बढ़कर प्रदर्शन किया जहां सीनियर खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं कर सके और हमें आगे आने वाले मैचों में भी ऐसा करने की जरूरत है। हमें कुछ खाली जगहों को भरना है। मुझे लगता है कि आज भी, हमने 180 का सोचा था और 200 पार कर गए। मुंबई में भी, हमने 200 सोचा तो 230 पार कर गए। हम ऐसी टीम नहीं बनना चाहते जो कि पहले बल्लेबाजी करते हुए हिचकिचाती हो और हम उसी रवैए से बल्लेबाजी करना चाहते थे जैसा कि हम रनों का पीछा करने के दौरान करते हैं।”