कप्तान विराट कोहली टी20 सीरीज से आराम के बाद अब पूरी लय के साथ टेस्‍ट क्रिकेट के लिए तैयार हैं. भारत 22 नवंबर से पहली बार डे-नाइट टेस्‍ट मैच खेलने जा रहा है. टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली के मन में पिंक गेंद से होने वाले इस मैच को लेकर एक सवाल अभी भी अटका हुआ है.

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इंदौर टेस्‍ट से एक दिन पहले कप्‍तान विराट कोहली ने कहा, “पिंक गेंद आमतौर पर टेस्‍ट मैचों में इस्तेमाल होने वाली लाल गेंद से ज्यादा स्विंग लेती है लेकिन यह देखना रोचक होगा कि पुरानी होने के बाद वह कैसी रहती है. खासकर उस वक्‍त जब मैच में ओस की भूमिका भी हो.

विराट कोहली ने कहा ,‘डे-नाइट टेस्‍ट मैच खेल के इस फॉर्मेट में एक नया रोमांच है. मैने कल पिंक गेंद से प्रैक्टिस की, जो लाल गेंद की तुलना में ज्यादा स्विंग ले रही थी क्योंकि गेंद पर अतिरिक्त लेकर (पुताई का कोट) लगा था जो जल्दी घिसता नहीं .’’

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विराट ने कहा ,‘‘ पिच अगर गेंदबाजों को अतिरिक्त मदद करेगी तो पूरे मैच में तेज गेंदबाजों की भूमिका रहेगी. मुझे नहीं पता कि ओस रहने पर और लेकर घिस जाने पर पुरानी गेंद कैसे बर्ताव करेगी. यह देखना रोचक होगा.’’
भारतीय कप्‍तान ने यह भी कहा कि पिंक गेंद के प्रभावी रहने के लिये जीवंत विकेट होना जरूरी है. ‘‘पिंक गेंद से खेलने पर पिच का जीवंत होना भी जरूरी है.’’

भारतीय टीम ने दूधिया रोशनी में अभ्यास नहीं किया लेकिन नयी गेंद के रंग से सामंजस्य बिठाने के लिये कुछ थ्रोडाउन जरूर किये.

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कप्तान ने यह भी कहा कि डे-नाइट टेस्ट को लेकर हाइप लाजमी है लेकिन फोकस फिलहाल पहले मैच पर ही होना चाहिये. ‘‘टेस्ट क्रिकेट में आप ध्यान भटका नहीं सकते . एक सत्र या एक ओवर के लिये भी नहीं. फिलहाल हमारा पूरा फोकस कल से शुरू होने वाले मैच पर रहना चाहिये. उसके बाद गुलाबी गेंद पर फोकस करेंगे.’’

विराट कोहली स्थायी टेस्ट केंद्रों पर कहा,‘‘ मैने ऐसा इसलिये कहा कि आप अनुपात देखिये . इंदौर जैसी जगह पर मैदान में भीड़ हो सकती है लेकिन दूसरी जगहों पर नहीं . ऐसा नहीं हो सकता कि मैच एक ही मैदान पर होते रहे, दूसरों पर नहीं.’’