नॉटिंघम। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने शुक्रवार को कहा कि टीम में बार बार बदलाव से उनके खिलाड़ी असुरक्षित महसूस नहीं करते और ऐसा सोचना भी अजीब है. कोहली ने बतौर कप्तान 37 टेस्ट में 37 बदलाव किए हैं और शनिवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट में भी यह चलन जारी रहने की उम्मीद है. Also Read - विराट कोहली के खिलाफ दर्ज हुए हितों के टकराव मामले की शिकायत की होगी जांच

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कोहली ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा सोचता है. यह सब बातें बाहर ही की जाती है और लोगों को मनगढंत कहानियां बनाने का शौक है. हमारे लिये मैच जीतना प्राथमिकता है. हम यह नहीं सोचते कि किसी का कैरियर दाव पर है या उसके भविष्य का क्या होगा. Also Read - दादा का खुलासा, नेट-वेस्‍ट सीरीज जीत के बाद हम आवेश में आ गए थे और आपा खो बैठे, फिर…

हमारा फोकस टेस्ट पर

उन्होंने कहा, हमारा फोकस इस टेस्ट पर है. हम किसी के कैरियर के बारे में नहीं सोच रहे . यह सोचना भी अजीब है. यह आपकी सोच है. मैं ऐसा नहीं सोचता लिहाजा अपने खिलाड़ियों से यह नहीं कहूंगा कि उनके कैरियर दांव पर है. यह सोच ही अजीब है.

भारतीय कप्तान ने कहा कि जब आप अच्छा नहीं खेल पा रहे हैं तो कुछ और सोच ही नहीं सकते. आपके जेहन में सिर्फ टीम को जीत दिलाने का ख्याल होता है. इसके अलावा और कुछ नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि मैं कमर की तकलीफ से उबर चुका हूं और पूरी तरह फिट हूं.

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उन्होंने कहा कि मैं ठीक हूं. मुझे 2011 में पहली बार दर्द हुआ था. कई बार कार्यभार से ऐसा होता है. आप मांसपेशियों को मजबूत बनाने पर मेहनत कर सकते हैं, आराम कर सकते हैं और रिहैबिलिटेशन ताकि फिर से फिट हो सकें.

बता दें कि 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले दो मैचों में भारत को हार मिली है. पहले मैच में कोहली ने अपने दम पर टीम को जीत के थोड़ा नजदीक ले गए थे. लेकिन दूसरे टेस्ट में खुद वह भी नाकाम रहे और टीम ने पारी और रनों से मैच गंवाया. यहां की पिचों और स्विंग गेंदबाजी से अभी तक भारतीय बल्लेबाज सामंजस्य नहीं बिठा पाए हैं.