भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग ने युवा विकेटकीपर रिषभ पंत को स्क्वाड से बाहर किए जाने के लिए टीम मैनेजमेंट के फैसले की आलोचना की है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई में खेले गए पहले वनडे मैच के दौरान सिर पर गेंद लगने के बाद से पंत स्क्वाड से बाहर हैं और शीर्ष क्रम बल्लेबाज केएल राहुल उनकी जगह विकेटकीपिंग कर रहे हैं। जिसके टीम को सकारात्मक नतीजे भी मिल रहे हैं। कप्तान विराट कोहली ने खुद कहा है कि राहुल के बतौर विकेटकीपर खेलने से टीम को बेहतर संतुलन मिलता है।

हालांकि सहवाग ने पंत का बचाव किया है। उनका कहना है कि पहले पंत को मैचविनर और टीम इंडिया का भविष्य बताने के बाद उसे इस तरह से स्क्वाड से अलग करना सही नहीं है। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए बयान में सहवाग ने कहा, “रिषभ पंत क बाहर कर दिया गया है, वो रन कैसे बनाएगा? अगर आप सचिन को बेंच पर बिठा देंगे तो वो भी रन नहीं बना पाएगा। अगर आपको लगता है कि वो मैचविनर है तो आप उसे क्यों नहीं खिलाएंगे? क्योंकि वो निरंतर नहीं है?”

पंत के बारे में बात करते हुए सहवाग ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “हमारे समय में, कप्तान जाकर खिलाड़ियों से बात करते थे। अब मुझे नहीं पता कि विराट कोहली ऐसा करता है या नहीं। मैं टीम का हिस्सा नहीं हूं लेकिन लोग कहते हैं कि जब रोहित शर्मा एशिया कप में बतौर कप्तान गया था तो वो हर खिलाड़ी से बात करता था।”

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सहवाग ने आगे कहा, “जब धोनी ने ऑस्ट्रेलिया में कहा था कि हमारे शीर्ष तीन फील्डर्स धीमे हैं तो उससे पहले हमसे कोई बात नहीं की गई थी। हमें मीडिया से पता चला था। उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बात कही लेकिन टीम बैठक में नहीं। बैठक में बात ये हुई थी कि हमें रोहित शर्मा को खिलाना है जो कि नया है और इसलिए रोटेशन पॉलिसी लागू होगी। अगर इस समय भी ऐसा ही हो रहा है तो ये गलत है।”