भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्‍लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का मानना है कि पंजाब किंग्‍स के युवा बल्‍लेबाज शाहरुख खान (Cricketer Shahrukh Khan) में विंडीज के दिग्‍गज बल्‍लेबाज कीरोन पोलार्ड वाली बात है. पंजाब फ्रेंचाइजी ने 5.25 करोड़ रुपये खर्च कर शाहरुख खान को अपनी टीम में शामिल किया था. Also Read - WTC Final में रोहित शर्मा और ट्रेंट बोल्ट का मुकाबला देखना चाहते हैं पूर्व दिग्गज वीरेंद्र सहवाग

शाहरुख खान (Cricketer Shahrukh Khan) ने इस साल घरेलू सीजन में तमिलनाडु की तरफ से खेलते हुए सैय्यद मुश्‍ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार बल्‍लेबाजी की थी. मुश्‍ताक अली ट्रॉफी में उन्‍होंने 200 की स्‍ट्राइकरेट से रन बनाए और अपनी टीम को खिताब दिलवाया. विजय हजारे के दौरान पांच मैचों में 198 रन बनाए. Also Read - श्रीलंका दौरे पर चुने गए रुतुराज गायकवाड़ ने कहा- माही भाई जो भी बोलते हैं, उसे हमेशा फॉलो करना चाहिए

वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने कहा, “शाहरुख खान मुझे युवा कीरोन पोलार्ड की याद दिलाते हैं जब वो आईपीएल खेलने नए नए आए थे. हर कोई उनकी तरफ भाग र‍हा था क्‍योंकि वो खड़े-खड़े छक्‍के लगा सकते हैं. शाहरुख खान में भी ऐसी ही काबिलियत है.” Also Read - पहले हम उनके लिए ब्‍लडी इंडियन थे, IPL आने के बाद से वो हमारे जूते चाट रहे हैं: Farokh Engineer

वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने कहा, “हालांकि उसने अभी छोटी-छोटी पारियां ही खेली हैं. उनके बल्‍ले से कोई बड़ा स्‍कोर नहीं निकला है. आप बल्‍लेबाजी लाइनअप में जितना नीचे आते हो आपके पास कुछ कर पाने के उतने ही सीमित मौके रह जाते हैं.”

आईपीएल 2021 स्‍थगित होने तक शाहरुख खान (Cricketer Shahrukh Khan) आठ मैचों में 107 रन बना चुके हैं. चेन्‍नई सुपर किंग्‍स के खिलाफ 26 रन पर आधी टीम के आउट होने के बाद शाहरुख ने 36 गेंदों पर 47 रनों की पारी खेली थी. उन्‍होंने दिल्‍ली के खिलाफ पांच गेंदों पर नाबाद 15 और हैदराबाद के खिलाफ 17 गेंदों पर 22 रन बनाए थे.

सहवाग (Virender Sehwag) का मानना है, “अगर शाहरुख खान (Cricketer Shahrukh Khan)को बल्‍लेबाजी में ऊपरी क्रम में मौका दिया जाता है तो वो शतक भी जड़ सकता है. वो इस तरह का बल्‍लेबाज है जिसे फर्क नहीं पड़ता पिछली गेंद पर क्‍या हुआ है. अक्‍सर बहुत से बल्‍लेबाज इस तरह से सोचते हैं कि ओह पिछली गेंद पर मैं बीट हुआ हूं और उसी हिसाब से अगला कदम उठाते हैं. जो बल्‍लेबाज ये नहीं सोचते कि पिछली गेंद पर क्‍या हुआ था वो करियर में ज्‍यादा आगे निकलते हैं.”