कोरोना काल में बॉर्डर पर 20 जवानों की मौत से पैदा हुए हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार चीनी कंपनियों के खिलाफ सख्‍त रुख अपनाए हुए है. इसके चलते अब वीवो काे आईपीएल स्‍पोंसरशिप से हटाने का दबाव भी बढ़ने लगा है. Also Read - महेंद्र सिंह धोनी को देखकर कप्तानी की कला सीखता हूं : प्रियम गर्ग

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने सभी बैंकों को यह निर्देश दिया है कि कोरोना संकट के चलते उनके खातों पर पड़े असर की विस्‍तृत जांच करे. मुश्किल वक्‍त में केंद्रीय बैंक की तरफ से तमाम बैंकों के वित्‍तीय स्‍वास्‍थ्‍य की जांच करने की दिशा में यह पहला महत्‍वपूर्ण कदम है. Also Read - उठाए चयन पर सवाल तो आर्चर बोले- अब तक क्‍यों नहीं बन पाए कोच ? विंडीज दिग्‍गज ने दिया ये जवाब

चीन के साथ बॉर्डर पर ताजा हालातों को देखते हुए गृह मंत्रालय भारत में निवेश का आवेदन करने वाली चीनी कंपनियों के प्रवेश को भी स्‍थगित कर सकता है. बताया जा रहा है कि भारत में निवेश से पहले सिक्‍योरिटी क्‍लीयरेंस के लिए अप्रैल-मई के महीने में सरकार को 20 चीनी कंपनी आवेदन कर चुकी हैं. Also Read - 'माता-पिता के साथ हुआ भेदभाव याद आ गया': नस्लवाद पर बात करते समय भावुक हुए माइकल होल्डिंग

इस सप्‍ताह आईपीएल गवर्निंग बॉडी की मीटिंग भी होनी है, जिसमें मौजूदा हालातों में वीवो से स्‍पॉंसरशिप छीनना अहम मुद्दा है. सैनिकों की मौत के बाद भारत में चीनी विरोधी माहौल है. ऐसे में चीनी सामान का विरोध बड़े स्‍तर पर किया जा रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि बीसीसीआई को भी वीवो के साथ नाता तोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा.