पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) ने मंगलवार को रणजी ट्रॉफी उप विजेता बंगाल के बल्लेबाजों के लिए अपने पहले ऑनलाइन सेशन का संचालन किया। इस सेशन के दौरान लक्ष्मण ने मानसिक पहलुओं पर जोर दिया। Also Read - कोविड-19 की वजह से भारतीय क्रिकेटर चेतन सकारिया के पिता का निधन

अभिषेक रमन और काजी जुनैद सैफी के साथ लक्ष्मण ने 45-45 मिनट के दो अलग अलग सेशन का संचालन किया और इस दौरान बंगाल के कोच अरूण लाल, क्रिकेट संचालन मैनेजर जायदीप मुखर्जी और राज्य की अंडर-23 टीम के कोच सौराशीष लाहिड़ी भी मौजूद थे। Also Read - कुलदीप यादव को इंग्लैंड दौरे पर जाने वाले टेस्ट स्क्वाड में जगह ना देना सख्त फैसला था: आकाश चोपड़ा

पिछले सेशन में अच्छी शुरुआत करने वाले सलामी बल्लेबाज रमन को बताया गया कि किस तरह विफलताओं से निपटा जाता है और कैसे दोबारा आत्मविश्वास हासिल किया जाता है। Also Read - इन चार कारणों की वजह से स्थगित हुआ IPL 2021; क्यों भारत में UAE जैसा सफल आयोजन नहीं कर सकी BCCI?

बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) द्वारा जारी बयान में रमन ने कहा, ‘‘हमने अपने पिछले सेशन के बारे में बात की। सेशन के दौरान मेरी मानसिकता कैसी रही। इस सेशन में काफी कुछ सीखने को मिला और पता चला कि सेशन के दौरान आने वाले उतार चढ़ाव को देखते हुए मानसिक तैयारी कैसे करनी है।’’

रमन ने सत्र की शुरुआत केरल और आंध्र के खिलाफ लगातार दो शतक के साथ की लेकिन अंतत: 10 पारियों में 25.37 के औसत से 406 रन ही बना पाए।

लक्ष्मण ने बताया कि खराब शॉट खेलने से बचने के लिए कैसे अपने दिमाग को नियंत्रित किया जाए और साथ ही गेंदबाजी की अनुकूल पिचों पर पहले घंटे में बल्लेबाजी की अहमियत के बारे में भी बताया। डेब्यू करते हुए दो मैच खेलने वाले काजी को लक्ष्मण ने बताया कि कैसे आयु वर्ग के क्रिकेट से सीनियर स्तर पर आने के बदलाव से आसानी से निपटा जा सकता है।

काजी ने कहा, ‘‘आज का सेशन बेहद महत्वपूर्ण और उपयोगी था। लक्ष्मण मेरे साथ अपने अनुभव साझा कर रहे थे, कैसे नर्वस होना सामान्य चीज है, संदेह हो सकता है लेकिन साथ ही अपने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने की जरूरत है।’’

  • कैब ऑनलाइन सेशन जारी रखेगा जिसमें शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। बंगाल की टीम 13 साल के पहली बार रणजी ट्राफी फाइनल में पहुंची थी लेकिन इस दौरान उसे सबसे अधिक शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने ही निराश किया था।