भारतीय टीम जब घर पर मैच खेलती है तो स्पिन गेंदबाज उनके सबसे अहम हथियार बनते हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों में तेज गेंदबाजों ने टीम इंडिया को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है लेकिन इसके बावजूद स्पिनर्स का योगदान, खासकर कि टेस्ट मैचों में अतुलनीय है।

ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला डे-नाइट टेस्ट जीतने के लिए भारत को अपने प्रमुख स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) और रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) से अच्छा प्रदर्शन चाहिए होगा। हालांकि पूर्व दिग्गज वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) का कहना है कि इन दोनों स्पिनर्स को गुलाबी गेंद से गेंदबाजी करने में मुश्किल होगी।

लक्ष्मण ने कहा, “गुलाबी गेंद से तेज गेंदबाजों के लिए सीम चुनौतीपूर्ण रहेगी, खासकर उन तेज गेंदबाजों के लिए जिनकी काबिलियत गेंद को लगातार सीम पर टप्पा खिलाना है। उन्हें हवा में स्विंग नहीं मिलेगी लेकिन उन्हें परिस्थतियों से मदद मिलने की उम्मीद होगी।”

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लक्ष्मण ने कहा, “स्पिनर चाहेंगे कि गेंद की चमक जल्दी से खत्म हो जाए लेकिन गुलाबी गेंद पर अतिरिक्त परत होती है जो मुझे लगता है कि स्पिनरों के लिए मददगार नहीं होगी, ऐसे में अश्विन और जडेजा को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। एक और चुनौती ओस की होगी क्योंकि वनडे मैचों में दूसरी पारी में स्पिनरों को परेशानी होती है। इसलिए टेस्ट में भी गेंद गीली होने के कारण स्पिनरों को गेंद को पकड़ने में परेशानी आएगी।”

टीम इंडिया 22 नवंबर को कोलकाता के मशहूर ईडन गार्डन्स में बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज का दूसरा टेस्ट गुलाबी गेंद से खेलेगी।