क्रिकेट इतिहास में कुछ मुकाबले ऐसे होतें हैं जिन्हें सदियों तक याद रखा जाता है, चाहें वो दो टीमों के बीच हो या फिर दो दिग्गज खिलाड़ियों के बीच। ऐसा ही एक मुकाबला था- सचिन तेंदुलकर vs शेन वार्न (Sachin Tendulkar vs Shane Warne)। भारत और ऑस्ट्रेलिया के इन महान खिलाड़ियों के बीच की टक्कर ने फैंस का खूब मनोरंजन किया। मैदान पर ये दो खिलाड़ी कई बार आमने सामने आए, जिसमें जीत कभी बल्लेबाज की हुई तो कभी गेंदबाज ने बाजी मारी। Also Read - पूर्व पाक कप्‍तान ने माना राहुल द्रविड़ का लोहा, इस मामले में सभी भारतीय क्रिकेटर से आगे हैं 'द वॉल'

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) ने तेंदुलकर-वार्नर मुकाबले का ऐसा किस्सा याद किया जब इस ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर के खिलाफ आउट होने के बाद तेंदुलकर ने खुद को फीजियो रूम में बंद कर दिया था। क्रिकेट कनेक्टेड कार्यक्रम में लक्ष्मण ने 1998 में चेन्नई के एम.ए चिदंबरम स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्ट की बात की। उस मैच की पहली पारी में सचिन मात्र चार रन बनाकर वार्न की गेंद पर कैच आउट हुए थे और टीम इंडिया 257 रन पर ढेर हो गई थी। Also Read - वीवीएस लक्ष्‍मण ने इस दिग्‍गज को दिया भारतीय तेज गेंदबाजी में क्रांति लाने का श्रेय

खुद को फीजियो रूम में बंद कर रोए थे सचिन

लक्ष्मण ने कहा, “चेन्नई टेस्ट मैच के लिए सचिन ने बहुत अच्छी तैयारी की थी। पहली पारी में वह केवल चार रन बनाकर ही आउट हो गए थे। उन्होंने एक चौका लगाया था और फिर अगली गेंद पर मार्क टेलर के हाथों कैच आउट थे। मुझे याद है जब सचिन ने खुद को फिजियो के रूम में बंद कर लिया था और करीब एक घंटे बाद वो बाहर आए थे। जब वह बाहर आए थे तो उनकी आंखें लाल थी। मुझे ऐसा महसूस हुआ कि वो बहुत भावुक हैं क्योंकि जिस तरह से वो आउट हुए, उससे वो काफी नाखुश थे।” Also Read - On This Day: 1993 में पहले ही इंग्‍लैंड दौरे पर शेन वार्न ने 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' लेकर रच दिया था इतिहास

हालांकि चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में 155 रनों की मैचविनिंग पारी खेली थी और भारत को 179 रन के बड़े अंतर से जीत दिलाई थी। सचिन को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला था।

लक्ष्मण ने उस पारी को याद करते हुए कहा, “फिर, दूसरी पारी में, सचिन ने जिस तरह से धमाकेदार बल्लेबाजी की और शेन वार्न का सामना किया, जो लेग स्टंप के बाहर गेंदबाजी कर रहे थे। वार्न क्रीज की गहराई का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन सचिन मिड ऑफ और मिड-ऑन पर गेंद को हिट करते थे और उन्होंने फिर शतक लगाया। वार्न के साथ उनका मुकाबला सर्वश्रेष्ठ रहा है।”