पाकिस्तान के कई पूर्व खिलाड़ी इन दिनों क्रिकेट में भारत की उभरती हुई ताकत (Indian Cricket Team) से बेहद प्रभावित हैं. इस कड़ी में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम (Wasim Akram) भी शामिल हैं. अकरम ने भारत की क्रिकेट व्यवस्था की तारीफ (Wasim Akram Praise BCCI) करते हुए कहा कि उन्होंने 10 साल पहले अपनी क्रिकेट दुरुस्त करने की ओर कदम उठा दिया था. इस बीच उन्होंने विश्व क्रिकेट में पाकिस्तान की पतली होती हालत पर भी चिंता जाहिर की.Also Read - श्रीसंत ने आलोचना झेल रहे भुवनेश्वर कुमार को दी सलाह- कभी भी अपनी क्षमता पर विश्वास करना बंद ना करें

दरअसल वसीम अकरम पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल पर अपने देश की क्रिकेट में गिरते स्तर पर चर्चा कर रहे थे. पाकिस्तान की टीम हाल ही में इंग्लैंड (ENG vs PAK) दौरे पर सीमित ओवरों की सीरीज के लिए गई थी, जिसमें वनडे सीरीज में उसका इंग्लैंड की B टीम ने 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया वहीं टी20 सीरीज में भी उसे 2-1 से हार का मुंह देखना पड़ा. Also Read - IND vs SA: तिरुवनंतपुरम में टीम इंडिया का भव्‍य स्‍वागत, 28 सितंबर को पहला मुकाबला

इस मौके पर अकरम अपने टीम की खिलाड़ियों से ज्यादा बोर्ड मैनेजमेंट को कसूरवार ठहराते दिखे. उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान (PCB) को इन दिनों अगर अपनी क्रिकेट के स्तर में सुधार करना है तो उसे उन देशों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा क्रिकेट खेलने के मौके तलाशने चाहिए, जो देश काफी मजबूत हैं. लेकिन पाकिस्तानी टीम के अधिकारी जिम्बाब्वे दौरे पर टीम को ले जाकर खुश हैं.’ Also Read - IND vs AUS: रोहित शर्मा ने की सूर्यकुमार यादव की तारीफ, बल्लेबाजी पर कह दी यह बात

अकरम (Wasim Akram) ने कहा, ‘मैं उस जीनियस से मिलना चाहता हूं, जिसने टीम को जिम्बाब्वे दौरे पर भेजा. मैं उन्हें पाकिस्तान की क्रिकेट का भला करने के लिए आमने-सामने मिलकर अतिरिक्त बधाई देना चाहता हूं.’ दुनिया के माहिर स्विंग गेंदबाजों में शुमार अकरम (Wasim Akram) ने कहा, ‘ऐसे दौरों से जिम्बाब्वे क्रिकेट को फायदा होगा पाकिस्तान को नहीं.’

इसके बाद उन्होंने भारतीय क्रिकेट की तारीफ करते हुए कहा, ‘भारत की एक टीम इन दिनों इंग्लैंड में है और दूसरी टीम श्रीलंका दौरे पर. इतना ही नहीं उनके पास इस समय इतना बैकअप तैयार है कि वे एक टीम और बना सकते हैं. उन्होंने 10 साल पहले अपने सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए थे. उन्होंने पैसों का निवेश किया था और पेशेवर लोगों को वे अपनी क्रिकेट में लाए.’