पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज वसीम अकरम (Wasim Akram) ने साल 1999 के भारत बनाम पाकिस्तान टेस्ट सीरीज को याद किया और अपने साथी सकलेन मुश्ताक (Saqlain Mushtaq) के साथ मिलकर भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के खिलाफ बनाई सटीक योजना का खुलासा किया। Also Read - विराट कोहली से नहीं डरता है ये पाकिस्तान तेज गेंदबाज; कहा- मुझे चुनौती पसंद

1999 में भारत दौरे पर आई पाकिस्तान टीम ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली थी। सीरीज का पहला मैच, जिसकी बात अकरम ने की, चेन्नई में खेला गया था। मैच के आखिरी दिन 271 रन का लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की दूसरी पारी में तेंदुलकर ने शानदार शतक जड़ा था। हालांकि तेंदुलकर की 136 रनों की ये पारी भारतीय टीम को जीत नहीं दिला सकी क्योंकि ये भारतीय बल्लेबाज मुश्ताक की गेंद पर अकरम के हाथों कैच आउट हो गए। Also Read - सचिन तेंदुलकर से प्रेरणा लेते हैं भारतीय फुटबॉलर संदेश झिंगन

भारतीय कमेंटेटर आकाश चोपड़ा से बातचीत के दौरान अकरम ने कहा, “मुझे वो टेस्ट अच्छे से याद है, जैसे कल ही खेला गया हो। भारत और पाकिस्तान टीमें करीबी मुकाबलों के लिए जानी जाती हैं। मुझे 1987 का बैंगलोर टेस्ट याद है जहां सुनील गावस्कर ने 90 के आसपास रन बनाए थे और फिर चेन्नई टेस्ट।” Also Read - पाकिस्तान के खिलाफ 183 रन की पारी ने किसी भी गेंदबाजी अटैक के सामने बल्लेबाजी करने का विश्वास दिया : कोहली

उन्होंने कहा, “ये बेहद करीबी मैच था, आखिरी दिन तक। भारत को कुछ 20-22 रनों की जरूरत थी और मोंगिया और सचिन की साझेदारी आगे बढ़ रही थी। सचिन सकलेन को अच्छे से पढ़ रहा था और समझ पा रहा था कि वो कब दूसरा डाल रहा है।”

पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “अगर मोंगिया आगे खेल जाता तो नतीजा कुछ और होता। लेकिन जब वो आउट हो गया तो मैंने खिलाड़ियों से कहा कि यही समय है। सचिन पीठ दर्द से परेशान था इसलिए मौका हमारे सामने था। जब सचिन आउट हुआ तो सभी खिलाड़ी बाउंड्री पर थे। केवल मैं एक्सट्रा कवर पर था। मैंने सकलेन को दूसरा डालने के लिए, ये जानते हुए कि इस पर छक्का पड़ने का खतरा है। ये जानते हुए कि सचिन इस मिड विकेट के ऊपर से खेलेगा, सकलेन ने मिडल और लेग स्टंप के बीच फुल लेंथ गेंद डाली। वो (सचिन) ने इसे बल्ले के ऊपरी किनारे से मेरी तरफ खेला।”

तेंदुलकर के कैच होने के बाद भारतीय टीम का निचला बल्लेबाजी क्रम मात्र चार रन बना सका और पूरी टीम 258 के स्कोर पर ढेर हो गई। पाकिस्तान ने ये मैच 12 रन से जीता। हालांकि तेंदुलकर को मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला।