टी20 क्रिकेट ने भले भी भारतीय टीम को जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) जैसा दिग्गज गेंदबाज और हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) जैसा प्रतिभाशाली ऑलराउंडर दिया हो लेकिन पूर्व पाक गेंदबाज वसीम अकरम (Wasim Akram) का कहना है कि युवा खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। Also Read - बिगड़े बोल: इमरान खान बोले- भारत की अहंकारी नीतियां पड़ोसी देशों के लिए खतरा, कश्मीर पर किया कब्ज़ा

पूर्व क्रिकेटर अकरम ने कहा, “टी20 क्रिकेट गेंदबाज नहीं बनाता। जब मैं खेला करता था, तो छह महीने राष्ट्रीय टीम के खेलते थे और छह महीने अपनी काउंटी या घरेलू टीम के लिए। युवा खिलाड़ियों तो गेंदबाजी की कला सीखने के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने की जरूरत है।” Also Read - इरफान पठान की मदद से आईपीएल तक पहुंचा जम्मू-कश्मीर का क्रिकेटर टूर्नामेंट स्थगित होने से नाखुश

उन्होंने कहा, “टी20 कमाल है, अच्छा मनोरंजन है और इसमें काफी पैसा है। लेकिन मैं खिलाडियों को उनके टी20 प्रदर्शन के आधार पर नहीं आंकता। मैं लंबे फॉर्मेट में उनके प्रदर्शन के आधार पर उनकी काबिलियत को आंकता हूं।” Also Read - बीसीसीआई को भरोसा, भारत से टी20 विश्व कप की मेजबानी छीनकर 'आत्महत्या' नहीं करेगी ICC

पाकिस्तान के लिए 104 टेस्ट मैचों में 414 विकेट लेने वाले अकरम उन खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में मेहनत मशक्कत कर राष्ट्रीय टीम में जगह पाई। करियर की शुरुआत में ही पाक क्रिकेट के दिग्गजों ने अकरम की प्रतिभा को पहचान लिया था।

इस बारे में अकरम ने कहा, “जब मैं टीम में नया था तो मैं इमरान खान और जावेद मियांदाद को कहते सुनता कि ‘ये लड़का खास है’ इसलिए जब मैंने उनसे पूछा कि मेरे बारे में इतना खास क्या है तो उन्होंने कहा ‘मेरा पेस चकमा देने वाला है और मैं गेंद को स्विंग कराता हूं’ उनके जैसे दिग्गजों के साथ अपने देश के लिए खेलना कमाल था।”