घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले वसीम जाफर (Wasim Jaffer Communal Angle) द्वारा उत्‍तराखंड क्रिकेट के मुख्‍य कोच पद से इस्‍तीफा दिए जाने के बाद अब एसोसिएशन की तरफ से भारतीय टीम के इस पूर्व बल्‍लेबाज पर टीम में साम्‍प्रदायिक माहौल पैदा करने के आरोप लगाए गए हैं. Also Read - Dhanashree Verma Photos: Maldives Vacation से फिर आई धनाश्री वर्मा और Yuzvendra Chahal की तस्वीरें, शेयर के साथ ही वायरल हुईं समंदर किनारे की ये खूबसूरत PICS

वसीम जाफर ने अपना इस्‍तीफा देते वक्‍त यह आरोप लगाए थे कि उत्‍तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी उनपर टीम में ऐसे क्रिकेटर्स को शामिल करने का दबाव बना रहे थे जो राज्‍य की टीम में खेलने के लायक नहीं हैं. Also Read - Dhanashree Verma Photos: मालदीव में छुट्टियां Enjoy कर रहे Yuzvendra Chahal, समंदर किनारे चिल करते वायरल हुईं Dhanashree Verma की तस्वीरें...

वसीम जफर (Wasim Jaffer Communal Angle) के इस्‍तीफ के एक दिन बाद एसोसिएशन के सचिव महिम वर्मा ने इंडियन एक्‍सप्रेस अखबार से बातचीत के दौरान कहा कि उन्‍हें टीम के क्रिकेटर्स से ये फीडबैक मिला है कि जाफर टीम का माहौल साम्‍प्रदायिक बनाने का प्रयास कर रहे थे और मुस्लिम क्रिकेटर्स का समर्थन कर रहे थे. Also Read - India vs England: कप्तान रूट ने माना- पिंक बॉल टेस्ट के लिए अब तक स्पष्ट नहीं है इंग्लैंड का गेंदबाजी कॉम्बिनेशन

आरोप लगाया गया कि वसीम जफर ने मैदान पर एक मौलवी को बुलाया और साथी क्रिकेटर्स को हनुमान जी का नाम लेने से भी रोका. इन आरोपों का जवाब देते हुए वसीम जाफर ने कहा, ” सबसे पहले मैं ये स्‍पष्‍ट कर दूं कि मैंने किसी मौलवी को नहीं बुलाया था. टीम के क्रिकेटर इकबाल अब्‍दुल्‍ला ने उन्‍हें बुलाया था. इकबाल ने मुझसे पूछा कि नमाज पढ़ने के लिए उन्‍हें मालवी चाहिए. जिसके बाद मैंने हामी भरी. प्रैक्टिस खत्‍म होने के बाद हमने ड्रेसिंग रूम में नमाज पड़ी. ऐसा दो-तीन बार हुआ और वो भी बायो-बबल बनने से पहले.”

इससे पहले एसोसिएशन के सचिव की तरफ से लगाए गए आरोपों में कहा गया था कि जाफर (Wasim Jaffer Communal Angle) ऐसे  कैसे कोरोना काल में मौलवी को टीम के पास आने की इजाजत दे सकते हैं. उनका कहना था कि टीम के साथी पहले इसकी जानकारी उन्‍हें देते तो वो जरूर इसपर एक्‍शन लेते.

आरोप लगाए गए है कि कुछ क्रिकेटर्स को जय हनुमान बोलने से रोका गया. जाफर ने कहा, “पहले तो मैं बता दूं कि किसी खिलाड़ी ने कोई स्‍लोगन बोला ही नही है. टीम में कुछ सिख खिलाड़ी हैं जो ‘रानी माता, सच्‍चे दरबार की जय’ बोलते हैं. ऐसे में एक बार मैंने सलाह दी थी कि इसकी जगह कमऑन उत्‍तराखंड या गो उत्‍तराखंड शब्‍द का इस्‍तेमाल किया जा सकता है. अगर मैं साम्‍प्रदायिक होता तो अल्‍लाह हु अकबर बोलने के लिए कहता.