नई दिल्ली. क्रिकेट अनिश्चिताओं का खेल है, जहां कभी भी कुछ भी हो सकता है. ऐसा ही कुछ मेलबर्न टेस्ट में भी हुआ जब तेज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज पैट कमिंस अपना पहला ओवर डालने आए. कमिंस ने ओवर की तीसरी गेंद बाउंसर फेंकी. हनुमा ने डक कर इसे छोड़ना चाहा लेकिन पिच में उछाल नहीं होने की वजह से वो सीधे उनके हेलमेट के पिछले हिस्से से जा टकराई.

कमिंस की बाउंसर ने हनुमा के हेलमेट को इतनी जोर से हिट किया कि वो थोडे़ असहज हो गए. कुछ पल के लिए खेल को रोकना पड़ा. हनुमा की चोट को देखने के लिए मैदान पर भारतीय टीम के फीजियो पैट फरहार्ट आए. अंपायर ने भी उन्हें देखा. और, जब ये कन्फर्म हो गया कि सब ठीक-ठाक है तभी हनुमा को दोबारा बल्लेबाजी को कहा गया.

ये तो रही पहली गेंद की कहानी, जिसका ठीकरा पिच की लो बाउंस पर फोड़ा गया. लेकिन, कमिंस ने अपने 5वें ओवर में ये साबित कर दिया कि ये सिर्फ पिच की लो बाउंस का असर नहीं है बल्कि शॉर्ट पिच गेंद यानी कि बाउंसर हनुमा की कमजोरी ही है.

पहले डराया, फिर चटकाया

कमिंस ने अपने 5वें ओवर में हनुमा का शिकार ठीक वैसी ही गेंद पर किया जिस पर वो पहले चोटिल हुए थे. इस बाउंसर को खेलते वक्त हनुमा का ध्यान गेंद की लाइन से हट चुका था. उनकी आंखे बंद हो चुकी थी. नतीजा, ये हुआ कि गेंद उनके बल्ले का किनारा लेती हुई स्लिप में खड़े एरॉन फिंच के हाथों में जा समाई गई और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा.

कमिंस की 2 गेंदों ने न सिर्फ हनुमा की पोल खोलकर रख दी थी बल्कि उनका गेम भी ओवर कर दिया था. पहले बाउंसर से डराकर और दूसरे पर विकेट चटकाकर.