बेंगलुरु। जीत की लय भले ही टूट गई हो लेकिन कप्तान विराट कोहली को लगता है कि अगर भारतीय टीम घरेलू सफलता को विदेशी मैदानों पर भी दोहरा सके तो यह मौजूदा टीम सबसे बेहतरीन वनडे टीम में से एक बन जाएगी.कोहली का यह बयान महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर की हालिया टिप्पणी पर आया है कि मौजूदा टीम इंडिया देश की सर्वश्रेष्ठ वनडे टीम बन सकती है.

भारतीय टीम बीती रात यहां चौथे वनडे में ऑस्ट्रेलिया से 21 रन से हार गई. इसके बाद कोहली ने पत्रकारों से कहा, ‘यह अच्छी तारीफ है. निश्चित रूप से उनसे (गावस्कर) यह टिप्पणी मिलना, अच्छा महसूस होता है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में वह कई भारतीय टीमों को देख चुके हैं.’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन यह यात्रा काफी लंबी है क्योंकि यह टीम काफी युवा है. हम इस समय घरेलू मैदान पर खेल रहे हैं. अगर हम इसी फॉर्म को विदेशी सरजमीं पर भी दोहरा सकें तो हम आराम से बैठकर खुश हो सकते हैं कि हमने जो अभी तक किया वो अच्छा रहा.’

ऑस्ट्रेलिया की इस जीत ने भारत की नौ मैचों की जीत की लय को तोड़ दिया. भारतीय टीम अब पांच मैचों की सीरीज में 3-1 से आगे है जिसका पांचवां और अंतिम वनडे रविवार को नागपुर में खेला जाएगा. नवंबर 2003 के बाद आठ वनडे में यह भारत की यहां पहली हार भी थी. पिछली हार भी उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम से ही मिली थी. कोहली ने कहा, ‘यह सब इन प्रक्रियाओं को दोबारा दोहराने तथा इसी चीज को बार-बार करने की कोशिश करना है ताकि निरंतर होकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें.’

कोहली ने टीम प्रबंधन के चौथे मैच में रिजर्व खिलाड़ियों को आजमाने के फैसले का बचाव किया. भारत ने तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की जोड़ी की जगह उमेश यादव और मोहम्मद शमी को उतारा लेकिन इसका उन्हें फायदा नहीं मिला और ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर बैटिंग करते हुए जीत के लिए 335 रन का लक्ष्य दिया. भारतीय कप्तान ने कहा, ‘हम सीरीज जीत चुके हैं और आपको कहीं न कहीं खिलाड़ियों को आजमाना होता है. आपको अपनी बेंच स्ट्रेंथ भी आजमानी होती है और आपको उन्हें मैच देने होते हैं. मुझे लगता है कि उमेश ने काफी अच्छी गेंदबाजी की, शमी भी अच्छे रहे. उमेश ने चार विकेट भी झटके.’

कोहली ने कहा कि वैकल्पिक रणनीति का कार्यान्वयन ही मैच में सफलता का राज है. उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो बैठकर सोचे कि मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था. आपको कोशिश करनी होती है, कुछ और आजमाना होता है, अगर यह कारगर नहीं होता तो आपको दूसरी योजना बनानी होती है और आपको फिर से इसे इस्तेमाल करना होता है. मैं ऐसा ही सोचता हूं और पूरी टीम भी ऐसा ही सोचती है.’