अपने करियर की शुरुआत निचले क्रम के बल्लेबाज के तौर पर करने वाले रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के करियर टर्निंग प्वाइंट 2013 में आया जब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने चैंपियंस ट्रॉफी में उन्हें सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी सौंपी। पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान (Irfan Pathan) का भी कहना है कि रोहित ने कड़ी मेहनत कर 2012 के बाद शानदार वापसी की। लेकिन अक्सर लोग इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज की मेहनत को अनदेखा कर देते हैं।Also Read - IND vs SA- लगातार 2 मैच हारकर वनडे सीरीज हारा भारत, ये रहीं कमजोर कड़ियां

स्टार स्पोटर्स के शो पर इरफान ने कहा, “जब लोग ऐसे खिलाड़ी को देखते हैं जिसके पास काफी समय होता है और उसकी प्रवृति रोहित की तुलना में आराम वाली होती है तो लोग उसे गलत समझते हैं। तब लोग कहते हैं कि उसे मेहनत करने की जरूरत है।” Also Read - IND vs SA- यह हमारे घर जैसी पिच, उम्मीद नहीं थी कि वे इतनी असानी से हमें हरा देंगे: KL Rahul

उन्होंने कहा, “यही बात वसीम जाफर के बारे में कही जाती है। जब वो रन लेते थे तो लगता था कि वह आराम से भाग रहे हैं। जब वो बल्लेबाजी करते थे तो लगता था कि उनके पास काफी समय है और हम सोचते थे कि वो मेहनत क्यों नहीं कर रहे हैं लेकिन असल में वो मेहनत कर रहे थे।” Also Read - Kevin Pietersen ने इस बल्‍लेबाज को बताया भारत का नया Test Captain, कोई नहीं ले सकता जगह

बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, “रोहित के साथ भी यही है। बाहर से हमें लगता है कि उन्हें ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। आप जब भी रोहित से बात करते हो तो वो समझदारी वाली बातें करते हैं। वो हमेशा कड़ी मेहनत करने की बात करते हैं, वो हमेशा टीम को पहले रखने की बात करते हैं। इसलिए आपने कप्तान के तौर पर मुंबई इंडियंस के परिणाम देखे। उन्हें विश्व कप ना खेलने का पछतावा रहा और फिर उन्होंने 2012 के बाद से मजबूत मानसिकता के दम पर वापसी की।”