नई दिल्ली. वेस्टइंडीज के खिलाफ बारबाडोस टेस्ट में इंग्लैंड 4 दिन में चित्त पड़ गया. टेस्ट की नंबर 3 टीम को उसके सबसे बड़ी हार में से एक मिली और रैंकिंग में 8वें नंबर पर मौजूद मेजबान विंडीज के खाते में रनों के लिहाज से उसकी तीसरी सबसे बड़ी जीत आई . बारबाडोस में खेले 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 381 रन से धूल चटाया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई. रन के लिहाज से ये इंग्लैंड की ओवरऑल 7वीं सबसे बड़ी टेस्ट हार है. वहीं, इस लिहाज से विंडीज टीम के खिलाफ मिली दूसरी सबसे बड़ी हार. बहरहाल, इंग्लैंड का ये हश्र तो होना ही था क्योंकि एक तो वेस्टइंडीज ने 628 रन का टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य उसे दे दिया था और दूसरा उसका अति-आत्मविश्वास उस पर हावी था, जिस वजह से उसने कैरेबियाई टीम को कमतर आंक लिया और खामियाजे के तौर पर औंधे मुंह गिरा.

इंग्लैंड ने उड़ाया ‘मजाक’

कहते हैं मुकाबले में कभी किसी विरोधी को कमजोर नहीं समझना चाहिए. लेकिन, इंग्लैंड ने यही गलती की, जिसके तांव में आकर कुछ पूर्व इंग्लिश क्रिकेटरों ने धड़ल्ले से वेस्टइंडीज के प्रदर्शन और उनके खिलाड़ियों की खिल्ली उड़ाई. उसे लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की. इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज ज्योफ्री बॉयकॉट ने सीरीज की शुरुआत से पहले वेस्टइंडीज को मामूली और औसत दर्जे की टीम कहा था, जो सिर्फ बांग्लादेश और जिम्बाब्वे से ही टेस्ट रैंकिंग में ऊपर है. यही नहीं जब कैरेबियाई कप्तान जेसन होल्डर ने पहली इनिंग में दोहरा शतक ठोका तो इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने ट्वीट किया कि जब वेस्टइंडीज के 8वें नंबर का बल्लेबाज ऐसा कर सकता है तो हमारे टॉप 6 तो और रन बनाएंगे.

वेस्टइंडीज ने दिया करारा जवाब

वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड की उड़ाई खिल्ली का करारा जवाब मैदान पर अपने दमदार प्रदर्शन से दिया, जिससे सीरीज में तो वो पीछे हो ही चुके हैं ICC टेस्ट टीम रैंकिंग में भी 4 प्वाइंट के नुकसान के साथ नंबर 3 से 4 पर खिसक गए हैं. अब अगर वो एंटीगा में खेला जाने वाला दूसरा टेस्ट जीत भी जाते हैं तो भी उनकी इस पोजिशन में सुधार नहीं होने वाला. बहरहाल, इंग्लैंड को मैदान पर कैरेबियाई टीम ने जवाब दिया तो मैदान के बाहर वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के चीफ एक्ज्यूकिटिव जॉनी ग्रेव भी उन्हें चेताने से नहीं चूके.

कैरेबियाई क्रिकेट बोर्ड की इंग्लैंड को ‘दो टूक’

जॉनी ग्रेव ने कहा, ” हमारे खिलाड़ियों की निंदा करना, उन्हें वर्ल्ड क्लास नहीं समझना, ठीक नहीं है. फ्लिंटॉफ को अगर लगता हो कि होल्डर डबल सेंचुरी नहीं बना सकते तो मैं उन्हें बता दूं कि पिछले 18 महीनों से होल्डर गेंद और बल्ले दोनों से बेहतर करते आ रहे हैं. टेस्ट करियर में 79 मैच खेलने के बाद फ्लिंटॉफ का बल्लेबाजी औसत 31.77 और गेंदबाजी औसत 32.88 का था लेकिन होल्डर ने अभी सिर्फ 36 मुकाबले ही खेले है और बल्लेबाजी में 33.86 की औसत और गेंदबाजी में 28.29 की औसत रखते हैं. ”

51 साल में 1 सीरीज इंग्लैंड के नाम

इंग्लैंड ने पिछले 51 सालों में कैरेबियाई धरती पर सिर्फ 1 टेस्ट सीरीज जीती है. 2015 में खेली सीरीज दोनों टीमों के बीच 1-1 से बराबर रही थी. और, इस बार भी मेजबान टीम की बढ़त बना लेने के बाद इंग्लैंड इसे जीत तो नहीं सकता. देखना ये है कि एंटीगा में वो अपनी सीरीज हार को टाल पाता है या नहीं.