बांग्लादेश क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने दो साल का प्रतिबंध लगाया है.  शाकिब ने आईसीसी भ्रष्टाचार रोधी संहिता के उल्लघंन के आरोपों को स्वीकार कर लिया है जिससे वह इस सजा के खिलाफ अपील नहीं कर सकते.

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शाकिब और संदिग्ध भारतीय सट्टेबाज दीपक अग्रवाल (Deepak Agarwal) के बीच बातचीत का सिलसिला आईसीसी ने जारी किया है.

इस संपर्क के बारे में जानकारी देने में नाकाम रहने पर आईसीसी (ICC) ने शाकिब (Shakib) को दो साल के लिए प्रतिबंधित किया जिसमें एक साल का निलंबित प्रतिबंध भी शामिल है.

19 जनवरी 2018, को अग्रवाल ने शाकिब को एक मैसेज भेजा.  अग्रवाल ने इस मैसेज में बांग्लादेश, जिम्बाब्वे और श्रीलंका की ट्राई  सीरीज के एक मैच में शाकिब को ‘मैन ऑफ मैच’ बनने की बधाई दी थी. इसके बाद बुकी ने मैसेज किया- ‘क्या हम इस (सीरीज) में काम करेंगे या फिर मैं IPL तक इंतजार करूं.’ इस ‘मेसेज’ में ‘काम’ का संदर्भ अंदरूनी जानकारी देने से जुड़ा था.

इसके बाद 23 जनवरी, 2018 को शाकिब को अग्रवाल का एक और मैसेज आया, जिसमें उसने लिखा- ‘भाई इस सीरीज में कुछ है क्या?” इसके बाद मैसेज भेजा ‘क्या हम इसमें काम कर सकते हैं या मैं आईपीएल तक इंतजार करूं. ’

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इस संदेश में ‘काम’ करने का संदर्भ उसका अग्रवाल को आंतरिक सूचना उपलब्ध कराना था.  शाकिब ने अग्रवाल के संपर्क की जानकारी एसीयू या किसी अन्य भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी को नहीं दी.

26 अप्रैल 2018 को शाकिब ने किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) के खिलाफ आईपीएल (Indian Premier League) मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) टीम की ओर से खेला.  उस दिन शाकिब को अग्रवाल का एक और वाट्सएप पर मैसेज मिला जिसमें उस दिन अमूक खिलाड़ी के खेलने के बारे में पूछा गया, इस तरह एक बार फिर अंदरूनी जानकारी मांगी गई.

अग्रवाल ने बिटक्वाइन, डॉलर अकाउंट के बारे में बात करके इस चर्चा को जारी रखा और उसके डॉलर अकाउंट की जानकारी मांगी.  इस बातचीत के दौरान शाकिब ने अग्रवाल से कहा कि वह पहले उससे मिलना चाहते हैं.

26 अप्रैल 2018 के इन संदेशों में कई डिलीट किए गए संदेश भी शामिल हैं.  उसने पुष्टि की कि अग्रवाल ने इस डिलीट किए गए संदेशों में अंदरूनी जानकारी देने का आग्रह किया था.

शाकिब ने पुष्टि की कि अग्रवाल को लेकर उसकी चिंताएं थी, लगता था कि वह ‘धोखेबाज’ है.  इसके बाद हुई बातचीत में शाकिब को महसूस हुआ कि वह सट्टेबाज था.

शाकिब बोले- मैंने कोई जानकारी नहीं दी 

शाकिब ने एसीयू को बताया कि अग्रवाल के किसी भी आग्रह को स्वीकार नहीं किया और ना ही कोई जानकारी दी, उसने कोई सूचना मुहैया नहीं कराई जिसके लिए आग्रह किया गया था और ना ही अग्रवाल से उसने कोई पैसा या अन्य कोई इनाम लिया.  हालांकि इस दौरान उसने कभी भी इस संपर्क के बारे में एसीयू या किसी अन्य संबंधित अधिकारी को कोई जानकारी नहीं दी.

(इनपुट-भाषा)