भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर का कहना है कि यदि वह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की ओर से दिए गए ग्लव्स का इस्तेमाल किए होते तो शायद आज उनके बल्ले से और अधिक रन निकले होते. अगर बेहतरीन तेज गेंदबाज होने के साथ-साथ निचले क्रम में एक बेहतरीन बल्लेबाज भी थे. Also Read - पेसर मोहम्मद शमी बोले-हम अब भी सोचते हैं कि माही भाई आएंगे और...

बल्लेबाजी में उनके नाम वनडे में 3 अर्धशतक दर्ज है. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में एक शतक भी जड़ा है. यह शतक उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्डस मैदान पर लगाया था और स्टेडियम के सम्मान बोर्ड पर अपना नाम लिखवाया था. अगरकर ने उस मैच में 109 रनों की नाबाद पारी खेली थी. Also Read - कोहली एंड कंपनी की फिटनेस की दीवानी है पड़ोसी टीम, दिग्गज खिलाड़ी ने किया स्वीकार

बल्लेबाज बनना चाहते थे Also Read - अगस्त-सितंबर में टीम इंडिया का कैंप लगाने के बारे में सोच रही है बीसीसीआई

अगरकर शुरूआत में एक बल्लेबाज बनना चाहते थे और बहुत कम लोगों को पता होगा कि करियर की शुरूआती दिनों में अगरकर को मुंबई का अगला सचिन तेंदुलकर माना जाता था.

42 वर्षीय अगरकर ने अपने पूर्व टीम साथी आकाश चोपड़ा के ‘आकाशवाणी’ शो में बताया कि आखिर क्यों उन्हें मुंबई का अगला तेंदुलकर कहा जाता था.

अगरकर ने कहा, ‘वास्तव में शुरूआत में मैं बल्लेबाज बनना चाहता था. स्कूल के दिनों में रामाकांत सर हम दोनों के कोच हुआ करते थे और उन्होंने मुझमें कुछ देखा था. तेंदुलकर उनके कोचिंग से निकलने वाला एक बड़ा नाम था. सचिन से पहले प्रवीन आम्रे और अन्य कई बड़े नाम थे और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था. उनके अकेडमी से बहुत सारे नाम निकले थे.’

‘तब लोगों को लगा की तेंदुलकर बन सकता हूं’

अगरकर ने कहा, ‘शुरूआत में अच्छे रन बनाता था तो लोगों को लगता था कि मैं अगला सचिन तेंदुलकर बन सकता हूं. अब जब 16 की उम्र में आप अच्छा खेले तो आईपीएल खेलने को मिल जाता है, लेकिन तब यह राष्ट्रीय टीम में पहुंचने की पहली सीढ़ी होती थी.’

उन्होंने कहा, ‘मैं रन बनाता था तो यह संदेश गया कि मुंबई से एक और खिलाड़ी आने वाला है. मगर उस उम्र में आप सिर्फ प्रगति के बारे में सोचते हैं.’

‘तब तेंदुलकर ने दिया था गलव्स’

अगरकर के इस शानदार प्रदर्शन के कारण ही तेंदुलकर ने उन्हें अपना ग्लव्स दिया था.

बकौल अगरकर, सचिन ने मुझे ग्लव्स दिए थे. हम एक ही स्कूल में थे और उन्हें लगा कि कोई अच्छा प्रदर्शन कर रहा है तो मुझे ग्लव्स दिए. मैं तब उन्हें ज्यादा नहीं जानता था. मैंने उनके पैड उपयोग नहीं किए, शायद अगर मैं उनका ग्लव्स इस्तेमाल करता तो बेहतर बल्लेबाज बन पाता.’