90 के दशक में जब भारतीय क्रिकेट टीम सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar), सौरव गांगुली (Sourav Ganguly), राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid), अनिल कुंबले (Anil Kumble) और वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) जैसे दिग्गज एक साथ खेलते थे तो अक्सर मैच देखने के लिए फैंस स्कूल तो क्या खेल भी छोड़ देते थे। इन्हीं जबरे फैंस में से एक थे- टीम इंडिया के बल्लेबाज सुरेश रैना (Suresh Raina)। Also Read - बेन स्टोक्स की कप्तानी को लेकर सचिन तेंदुलकर ने दिया बड़ा बयान

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में रैना ने बताया कि 12 साल की उम्र में सचिन की मशहूर डेजर्ट स्टॉर्म पारी देखने के उन्होंने अपने दोस्त के साथ स्कूल बंक किया था। रैना ने बताया कि उन दिनों उनके घर के टीवी में केवल दूरदर्शन चैनल आया था, इसलिए वो मैच देखने पड़ोसियों के घर जाया करते थे। Also Read - 'आने वाले दस साल में चेन्नई सुपर किंग्स टीम के बॉस होंगे महेंद्र सिंह धोनी'

उन्होंने कहा, “हमारे घर पर टीवी था, अपट्रॉन लेकिन उस पर केवल दूरदर्शन आता था। सुनील भइया का घर था, और एक हमारे जमील भाई थे जो खाने का इंतजाम करते थे, कबाब वगैरह। हम 5-6 लोगों का ग्रुप था।” Also Read - सौरव गांगुली: मुझे खुशी है कि भारतीय क्रिकेट को एमएस धोनी जैसा अविश्वसनीय खिलाड़ी मिला

उन्होंने कहा, “हम स्कूल के आखिरी दो पीरियड बंक किया करते थे क्योंकि शारजाह टूर्नामेंट चल रहा था। उस समय में सचिन पाजी पारी की शुरुआत करते थे। पाजी की बैटिंग ही देखते थे उस टाइम पे, या राहुल भाई। पाजी आउट होते थे तो फिर घर निकल लेते थे।”

1998 में आयोजित हुए कोका कोला कप में 22 अप्रैल को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मैच में सचिन ने 131 गेंदो पर 143 रन की पारी खेली थी। इस मैच के दौरान स्टेडिमय में खतरनाक रेतीला तूफान आया था, जिस वजह से सचिन की ये पारी डेसर्ट स्टॉर्म कहलाती है।

तेंदुलकर की उस पारी को याद करते हुए रैना ने कहा, “हम छोटे थे। मैं केवल 12 साल का था, सातवीं क्लास में पढ़ता था। सचिन तेंदुलकर इतना बड़ा नाम था।”

इस पारी के सात साल बाद रैना ने, 2005 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया। और 2010 में उन्हें तेंदुलकर के साथ टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला। रैना ने अपने पहले टेस्ट मैच में 120 रनों की शानदार पारी खेली थी।