वेलिंगटन टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन टीम इंडिया की हार की बड़ी वजह रहा। कप्तान विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा समेत टीम इंडिया के बल्लेबाज कीवी गेंदबाजों, खासकर कि डेब्यू मैच खेल रहे काइल जेमीसन के सामने बेअसर नजर आए। हालांकि कोहली चाहते हैं कि खिलाड़ी एक हार के बाद घबराकर अगले मैच में ज्यादा सावधानी से बल्लेबाजी ना करें क्योंकि उससे कोई फायदा नहीं होगा। Also Read - यूपी पुलिस टीम पर भीड़ ने किया हमला, IPS अफसर घायल, पुलिस चौकी जलाने की कोशिश

भारतीय कप्तान ने कहा, “मेरा मानना है कि बतौर बल्लेबाजी यूनिट हमें जो भाषा बोलनी है, वो सही होनी चाहिए। मुझे नहीं लगता कि ज्यादा परेशान होने या अतिरिक्त सावधानी दिखाने से मदद मिलेगी क्योंकि उससे आप शॉट खेलना ही छोड़ देंगे। ऐसी स्थिति में जब सिंगल नहीं आएंगे, फिर आप क्या करें? आप केवल एक अच्छी गेंद का इंतजार करेंगे और उस पर आउट हो जाएंगे। अगर आप ये स्वीकार कर लेंगे कि अच्छी गेंद पर आउट होने में कोई खराबी नहीं है, को आप इस तरह नहीं सोचेंगे।” Also Read - औरंगाबाद : COVID-19 के लिए PPE और N95 मास्क ना होने से नाराज हुए डॉक्टर, घंटों किया प्रदर्शन

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विपरीत स्थिति में किस तरह से खेलें, इस कोहली ने कहा, “अगर मैं ऐसी स्थिति में होता हूं, अगर विकेट हरा होता है तो फिर मैं काउंटर-अटैक करने की कोशिश करता हूं ताकि मैं टीम को आगे ले जाउं। अगर आपको सफलता नहीं मिलती है तो आपको ये स्वीकार करना होगा कि आपकी सोच सही थी, आपने कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली, ठीक है। इसे स्वीकार करने में कुछ गलत नहीं है। लेकिन आप मुझे नहीं लगता कि ज्यादा सावधानी के साथ खेलने से कभी भी सफलता मिलती, खासकर जब आप विदेश में खेल रहे हों तो।”

उन्होंने कहा, “अगर आप स्थिति के बारे में ज्यादा सोचेंगे, फिर आप अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान नहीं दे पाएंदे। जब आप घर पर नहीं खेल रहे होते हैं तो खेल मानसिकता के बारे में ज्यादा होता है। अक्सर हम तकनीक के बारे में ज्यादा चर्चा करते हैं लेकिन अगर आपका दिमाग स्पष्ट तो फिर स्थितियां आसान लगेंगी।”

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दूसरे मैच से पहले कप्तान ने कहा, “तब ऐसा नहीं लगेगा कि गेंद ज्यादा कुछ कर रही है या फिर गेंदबाजी अटैक मुश्किल है। हम इसी सकारात्मक मानसिकता के साथ आगे बढ़ेंगे। पहले मैच में हम अपनी योजना लागू नहीं कर सके लेकिन जब हम ऐसा कर पाएंगे, हमें पता है कि हम क्या हासिल कर सकते हैं”