टेस्ट सीरीज में हार के बाद जब भारतीय टीम वनडे फॉर्मेट में दक्षिण अफ्रीका का सामना करने उतरी तो पहले मैच में मेहमान टीम को 31 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका के दिए 297 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम 50 ओवर में 265 रन ही बना सकी।
पहले वनडे हार के बाद टीम इंडिया की बल्लेबाजी की काफी आलोचना हो रही है लेकिन इस बीच एक सवाल भी उठ रहा है जो फैंस के साथ साथ क्रिकेट समीक्षकों को भी परेशान कर रहा है, और वो सवाल ये है कि ऑलराउंडर होने के बावजूद वेंकटेश अय्यर (Venkatesh Iyer) ने पहले वनडे मैच में गेंदबाजी क्यों नहीं की?
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले मैच के साथ टीम इंडिया के लिए वनडे डेब्यू कर रहे अय्यर ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) की जगह वनडे स्क्वाड में शामिल हुए थे। पांड्या जो कि पीठ की सर्जरी के बाद से सीमित ओवर फॉर्मेट में गेंदबाजी करने में नाकाम रहे हैं, उन्हें दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिए स्क्वाड से बाहर रखा गया है।
हालांकि अब सवाल ये है कि जब गेंदबाजी ना कर पाने की वजह से पांड्या को टीम से बाहर कर उनकी जगह अय्यर को दी गई थी को पहले वनडे मैच में उनसे गेंदबाजी क्यों नहीं कराई गई।
पहले मुकाबले में भारतीय गेंदबाज दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे। टीम इंडिया के लिए जसप्रीत बुमराह ने दो विकेट लिए जबकि रविचंद्रन अश्विन को मात्र एक सफलता मिली। वहीं भारतीय टीम के बाकी तीनों गेंदबाज- भुवनेश्वर कुमार, युजवेंद्र चहल और शार्दुल ठाकुर बेहद महंगे रहे।
जब आपके पांच में से तीन प्रमुख गेंदबाजों का दिन खराब जा रहा हो तो ऐसे में आप पार्ट टाइम गेंदबाज का इस्तेमाल कर कुछ रन बचाने की कोशिश करते हैं लेकिन कप्तान केएल राहुल ने ऐसा नहीं किया। वैसे तो भारतीय प्लेइंग इलेवन में अय्यर बतौर ऑलरआउंडर शामिल थे लेकिन उन्होंने गेंदबाजी नहीं की। वहीं बल्लेबाजी करते हुए भी वो मात्र 2 रन ही बना सके। ऐसे में फैंस का गुस्सा जायज है।
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Cricket की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.