नई दिल्‍ली: आईपीएल में चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स की टीम आज राजस्‍थान रॉयल्‍स के खिलाफ मैच खेल रही है. कावेरी विवाद के चलते चेन्‍नई से मैचों को पुणे स्‍थानांतरित करने के बाद सुपरकिंग्‍स का यह पहला मुकाबला है. इस बार की नीलामी में चेन्‍नई ने अपनी टीम में सात स्पिनर्स को चुना था. चेन्‍नई में चेपॉक स्‍टेडियम की पिच स्पिन गेंदबाजों की मददगार मानी जाती है. चेन्‍नई को अपने सात घरेलू मैच इसी मैदान पर खेलना था, लेकिन उनका होम बेस पुणे स्‍थानांतरित होने के बाद उन्‍हें अपनी प्‍लानिंग में बदलाव करना होगा.

पुणे में तेज गेंदबाज ज्‍यादा प्रभावी
पुणे की पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए ज्‍यादा मदद होती है. 2017 में इस मैदान पर खेले गए सभी मुकाबलों में स्पिनर्स को 20 विकेट मिले थे जबकि तेज गेंदबाजों को 25 विकेट मिले थे. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि यहां स्विंग गेंदबाजों को सफलता मिलने की ज्‍यादा संभावना होती है. हालांकि, चेन्‍न्‍ई सुपरकिंग्‍स ने पुणे में अब तक 3 मैच खेले हैं और इनमें से 2 में उसे जीत मिली है.

क्‍या हो सकते हैं विकल्‍प
सुपरकिंग्‍स की टीम में हालांकि तेज गेंदबाज भी मौजूद हैं. मार्क वुड, डेविड विली, शार्दुल ठाकुर, मोनू कुमार, दीपक चाहर और लुंगी नगिदी के अलावा शेन वाटसन तथा ड्वेन ब्रावो भी ऑलराउंडर के रूप में टीम में शामिल हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्‍या चेन्‍नई की टीम अपने मजबूत पक्ष से हटकर जीत की रणनीति बनाएगी. फैसला मुश्किल इसलिए भी है क्‍योंकि वुड, नगिदी, विली और मोनू कुमार को आईपीएल का ज्‍यादा अनुभव नहीं है.

धोनी की रणनीति में स्पिन की अहम भूमिका
कप्‍तान के रूप में महेंद्र सिंह धोनी स्पिन गेंदबाजों का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करना पसंद करते हैं. स्पिनर से गेंदबाजी की शुरुआत करने के साथ मिड्ल ओवर्स में रनों पर अंकुश लगाने के लिए भी वे इनका इस्‍तेमाल करते हैं. अब देखना यह है कि पुणे के घरेलू मैचों के लिए वे अपनी रणनीति बदलते हैं या स्पिनर्स पर ही ज्‍यादा भरोसा दिखाते हैं.