अमेरिका की वीनस विलियम्स गुरुवार को विंबलडन महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाली पिछले 23 सालों में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गईं. उन्होंने सेमीफाइनल में जोहान्ना कोंटा को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया. पांच बार की चैंपियन वीनस नौवीं बार विंबलडन के फाइनल में पहुंची हैं, वह 2009 के बाद से पहली बार इस ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंची हैं. फाइनल में वीनस का सामना फ्रेंच ओपन चैंपियन गार्बाइन मुगुरुजा से होगा, जिन्होंने सेमीफाइनल में स्लोवाकिया की मैगडेलेना राबारिकोवा को हराया.

37 वर्षीय वीनस गुरुवार को सेमीफाइनल में ब्रिटेन की कोंटा के खिलाफ शानदार फॉर्म में थीं. कोंटा को उन्होंने महज 73 मिनटों में ही धूल चटा दी. वह 1994 में मार्टिना नवरातिलोवा के विंबलडन फाइनल में पहुंचने के बाद सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं. वीनस ने इस जीत के साथ कोंटा का 40 सालों में विंबलडन के फाइनल में पहुंचने वाली पहली ब्रिटिश महिला खिलाड़ी बनने का सपना तोड़ दिया.

ये जीत विंबलडन में वीनस की 87वीं जीत है और वह अब सेरेना को पीछे छोड़कर वर्तमान महिला खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली खिलाड़ी बन गई हैं. उनकी बहन सेरेना अपने पहले बच्चे के जन्म की तैयारियों की वजह से इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रही हैं. सेरेना की अनुपस्थिति में वीनस इस वीकेंड पर विलियम्स परिवार को 13वां ग्रैंड स्लैम दिलाने का प्रयास करेंगी. यह वीनस का नौंवा विंबलडन फाइनल है, उन्होंने 2000 में अपनी पहली विंबलडन ट्राफी जीती थी, 20वीं बार विम्बलडन में खेल रहीं वीनस ने अंतिम बार 2008 में सेंटर कोर्ट में खिताब जीता था.

14वीं वरीय मुगुरूजा ने गैर वरीय स्लोवाकिया की मैगडेलेना राबारिकोवा को 64 मिनट में 6-1 6-1 से मात देकर अपने दूसरे विम्बलडन फाइनल में प्रवेश किया. वह 2015 में सेरेना विलियम्स से हारने के बाद उप विजेता रही थीं, लेकिन 2016 फ्रेंच ओपन में उन्होंने सेरेना को हरा दिया था.