स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) सीजन-4 के साथ प्रायोगिक तौर पर इसी वर्ष शुरू हुए महिला कबड्डी चैलेंज का फाइनल मुकाबला आज हैदराबाद के गाचीबावली इनडोर स्टेडियम में स्टॉर्म क्वींस और फायर बर्ड्स टीमें के बीच खेला जाएगा। तेजस्विनी की कप्तानी वाली स्टॉर्म क्वींस और ममता पुजारी के नेतृत्व वाली फायर बर्ड्स फाइनल मैच के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में 25 जुलाई को हुए मुकाबले में फायर बर्ड्स ने अभिलाषा म्हात्रे की टीम आइस दिवाज को रोमांचक मुकाबले में 22-13 से मात देते हुए फाइनल में कदम रखा।

ममता की फायर बर्ड्स की टीम का रेड और टैकल काफी मजबूत है और इसी के दम पर टीम ने आइस दीवाज से हारे हुए मैच में उलटफेर करते हुए जीत हासिल की।

इससे पहले फाइनल में कदम रखने वाली तेजस्विनी की स्टॉर्म क्वींस अपने बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत तीन टीमों की तालिका में शीर्ष पर है।

स्टॉर्म क्वींस से होने वाले खिताब मुकाबले की तैयारी के बारे में पूछे जाने पर ममता ने आईएएनएस को बताया, “हमारी टीम का प्रदर्शन भले ही इस चैलेंज में उतार-चढ़ाव से भरा रहा हो, लेकिन फाइनल मुकाबले के लिए टीम पूरी तरह से तैयार हैं और हम पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है। सभी खिलाड़ी इस मुकाबले में अपना 100 प्रतिशत प्रदर्शन देने के लिए तत्पर है।”

ममता का यह भी कहना है कि उनके लिए इस मुकाबले में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण है शानदार खेल का प्रदर्शन देना और सबसे अच्छी बात यह है कि महिला कबड्डी चैलेंज सफल हो रहा है।

तेजस्विनी ने इस खिताबी मुकाबले के संदर्भ में आईएएनएस को बताया कि टीम को अच्छा प्रदर्शन देना जरुरी है, लेकिन इस मुकाबले में उनकी टीम के लिए हर रेड करो यार मरो (डू और डाई) रेड होगी।

ममता पुजारी की फायर बर्ड्स में जहां एक ओर उनके अलावा एम मारियो मोउनिका और रिंजू.के जैसी बेहतरीन खिलाड़ी हैं। वहीं, तेजस्विनी की स्टॉर्म क्वींस में उनके अलावा ज्योति, साक्षी कुमारी और दीपिक जोसेफ जैसी दमदार खिलाड़ी हैं।

महिला कबड्डी चैलेंज में फायर बर्ड्स का मुकाबला स्टॉर्म क्वींस के साथ दो बार हुआ है। पहला मुकाबला जहां टाई हुआ था, वहीं दूसरे मुकाबले में तेजस्विनी की टीम ने 21-11 के अंतर से ममता पुजारी की कप्तानी वाली टीम को मात दी थी।

फायर बर्ड्स और स्टर्म क्वींस के बीच होना वाला खिताबी मुकाबला काफी रोमांचक होने वाला है। हैदराबाद के दर्शक इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं, क्योंकि फाइनल के मुकाबलों की टिकटें पहली ही बिक चुकी हैं।

ममता और तेजस्विनी से इस चैलेंज में अब तक के अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि खिताबी मुकाबले का परिणाम भले ही किसी भी टीम के पक्ष में हो, लेकिन उनके लिए इस चैलेंज की सफलता अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे देश के घर-घर में महिला कबड्डी को एक नई पहचान मिली है।