भारत की अनु रानी क्वालीफाइंग दौर की शानदार फार्म को फाइनल में दोहराने में नाकाम रही और मंगलवार को विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की महिला भाला फेंक स्पर्धा में आठवें स्थान पर रहीं जबकि अविनाश साब्ले ने नाटकीय हालात के बीच पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में जगह बनाई।

सोमवार को क्वालीफाइंग में 62 .43 मीटर के प्रयास के साथ अपना ही राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ने वाली अनु फाइनल में मंगलवार को 61 . 12 मीटर का ही सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर सकी। अनु ने 59 .25 मीटर के प्रयास के साथ शुरुआत की और फिर ये 27 साल की एथलीट 61.12 मीटर और 60.20 मीटर के प्रयास से शीर्ष आठ में शामिल रही जिससे उन्हें तीन और थ्रो मिले।

अनु हालांकि अगले तीन प्रयास में 60.40 मीटर, 58.49 मीटर और 57.93 मीटर की दूरी ही तय कर सकीं और 12 खिलाड़ियों के फाइनल में आठवें स्थान पर रहीं।

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राष्ट्रमंडल खेल 2018 की रजत पदक विजेता केल्सी ली बार्बर ने 66 .56 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की एशियाई खेलों की चैंपियन ल्यू शियिंग और उनकी हमवतन एशियाई चैंपियन ल्यू हुई हुई ने 65 .88 मीटर और 65 .49 मीटर के प्रयास के साथ क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते।

अनु भले ही फाइनल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में नाकाम रही लेकिन इस प्रतियोगिता के दौरान वो विश्व चैंपियनशिप की महिला भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बनीं। इससे पहले एक अन्य राष्ट्रीय रिकार्ड धारक अविनाश नाटकीय हालात में विश्व चैंपियनशिप की पुरुष ट्रैक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने वाले पहले भारतीय बने।

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पहले दौर की हीट में राष्ट्रीय रिकार्ड बनाने के बावजूद शुरुआत में अविनाश पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे थे लेकिन इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने विरोध किया कि दौड़ के दौरान अन्य धावकों ने उनका रास्ता रोका जिसके बाद उन्हें फाइनल में जगह दी गई।