भारत की अनुभवी महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ((MC Mary Kom) ने विश्व चैंपियनशिप  (AIBA Women’s World Boxing Championship)में विरोध दर्ज करने के नियम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसके पीछे का तर्क उनकी समझ से परे है.

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छह बार की विश्व चैंपियन मैरीकॉम को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था.

दिग्गज बॉक्सर मैरीकॉम ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘हमारे विरोध को इसलिए स्वीकार नहीं किया गया क्योंकि मैं 1-4 के फैसले से हारी थी. मुझे नहीं पता कि यह कैसा नियम है कि आप 1-4 से हारने के बाद विरोध नहीं दर्ज करा सकते.’

विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड 8वां और 51 किग्रा में पहला पदक जीतने वाली तीन बच्चों की मां मैरीकॉम ने कहा, ‘अगर जीत के हकदार को हरा दिया जाए तो यह खेल के लिए अच्छा नहीं होगा.’

विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइल में मैरीकॉम को तुर्की की बुसेनाज काकिरोग्लू से 1 – 4 से पराजय झेलनी पड़ी. भारतीय दल ने इस फैसले का रिव्यू मांगा लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ की तकनीकी समिति ने उनकी अपील खारिज कर दी. नियमों के मुताबिक फैसले पर विरोध तभी दर्ज किया जा सकता है जब वह 3-2 या 3-1 का होगा.

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उन्होंने कहा कि इस हार के बावजूद भी विश्व चैंपियनशिप से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है जिससे वह टोक्यो ओलंपिक में पदक जीत सकती है.

उन्होंने कहा, ‘सेमीफाइनल में हार के बाद भी विश्व चैंपियनशिप आगे की तैयारियों के लिए अच्छी रही. मैं पूरी तरह से फिट थी और 51 किग्रा में अच्छे लय में थी. इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मैं ओलंपिक में बेहतर कर सकती हूं.’