नई दिल्ली: आईसीसी विश्व कप-2019 के फाइनल में ओवरथ्रो सहित कुल छह रन देने वाले अंपायर कुमार धर्मसेना ने अपनी बड़ी गलती स्वीकार कर ली है. इंग्लैंड के वर्ल्ड जीतने के बाद धर्मसेना ने इस मामले में पहली बार कहा कि हां, उनसे गलती हुई थी. विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड को इतने रन देना उनकी गलती थी. चार रन तो ओवर थ्रो का हुआ था लेकिन जो दौड़ कर दो रन लिए गए थे, वो दो नहीं एक रन था. दूसरा एक रन पूरा नहीं हो पाया था. इसलिए ओवर थ्रो के चार रन में दौड़ कर लिया गया एक ही रन जोड़ना चाहिए था. इस तरह से इंग्लैंड को उस गेंद पर कुल पांच रन देने चाहिए थे, जो कि उन्होंने 6 रन दे दिए थे. एक अतिरिक्त रन ही निर्णायक साबित हो गया और इंग्लैंड वर्ल्ड कप जीत गया.

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बता दें कि आईसीसी विश्व कप-2019 के फाइनल में ओवरथ्रो पर दिए गए चार अतिरिक्त रन को लेकर काफी विवाद रहा है. यह चार रन इंग्लैंड की न्यूजीलैंड की जीत में काफी निर्णायक साबित हुए थे. फाइनल मैच के अंतिम ओवर में 242 रनों का पीछा कर रही इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दो रन दौड़कर लिए थे और दूसरे रन लेने के दौरान फील्डर का थ्रो बेन स्टोक्स के बल्ले से टकरा पर बाउंड्री पार चला गया था. मैदानी अंपायर कुमार धर्मसेना ने अपने साथी अंपायरों से बात करने के बाद छह रन इंग्लैंड को दिए थे. इंग्लैंड इससे मैच में वापस आ गई थी. धर्मसेना ने श्रीलंका के अख्बार संडे टाइम्स से कहा कि अब टीवी पर रीप्ले देखने के बाद मैं स्वीकार करता हूं कि फैसला करने में गलती हुई थी. लेकिन मैदान पर टीवी रीप्ले देखने की सहूलियत नहीं थी और मुझे अपने फैसले पर कभी मलाल नहीं होगा.

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पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने हालांकि अंपायरों के छह रन देने के फैसले को गलत बताया था और कहा था कि यहां छह रन के बजाय पांच रन देने चाहिए थे, क्योंकि बल्लेबाजों ने दूसरा रन पूरा नहीं किया था. श्रीलंका के धर्मसेना ने कहा, “मैंने संवाद प्रणाली के जरिये लेग अंपायर से सलाह ली, जिसे सभी अन्य अंपायरों और मैच रैफरी ने सुना. वे टीवी रीप्ले नहीं देख सकते थे, उन सभी ने पुष्टि की कि बल्लेबाजों ने दूसरा रन पूरा कर लिया है. इसके बाद मैंने अपना फैसला किया.