साउथम्पटन: भारत ने शनिवार को द रोज बाउल मैदान पर खेले गए आईसीसी विश्व कप-2019 के मैच में अफगानिस्तान को रोमांचक मैच में 11 रनों से हरा दिया. अफगानिस्तान ने गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत को 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 224 रनों पर रोक दिया था, लेकिन उसके बल्लेबाज लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए और 49.5 ओवरों में 213 रनों पर ढेर हो गए.

 

अफगानिस्तान के लिए मोहम्मद नबी ने 52स रहमत शाह ने 36, गलुबदीन नैब ने 27 रन बनाए. भारत के लिए मोहम्मज शमी ने हेट्रिक ली. इससे पहले, भारत के लिए कप्तान विराट कोहली ने सबसे अधिक 67 रन बनाए. केदार जाधव ने 52, लोकेश राहुल ने 30, विजय शंकर ने 29, महेंद्र सिंह धोनी ने 28 रनों का योगदान दिया. अफगानिस्तान के लिए गुलबदीन नैब और मोहम्मद नबी ने दो-दो विकेट लिए. मुजीब उर रहमान, आफताब आलम, राशिद खान, रहमत शाह को एक-एक विकेट मिला.

पहले बल्लेबाजी करते उतरी भारतीय टीम शुरू से ही रनों के लिए संघर्ष कर रही थी. पांचवें ओवर की दूसरी गेंद पर जब टीम का स्कोर सिर्फ सात रन था तभी मुजीब उर रहमान ने रोहित शर्मा (1) को बोल्ड कर भारत को बड़ा झटका दिया. कोहली और लोकेश राहुल ने अच्छी तरह टीम को संभाला और कुछ हद तक रनगति भी बढ़ाई, लेकिन राहुल, मोहम्मद नबी की गेंद पर रिवर्स स्वीप करने की गलती कर बैठे और शॉर्ट थर्ड मैन पर हजरतुल्लाह जाजई ने उनका आसान सा कैच लपका. राहुल का विकेट 64 के कुल स्कोर पर गिरा. उन्होंने 53 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 30 रन बनाए.

चौथे नंबर पर आए विजय शंकर के पास बड़ी पारी खेलने का बेहतरीन मौका था, लेकिन वह 41 गेंदों पर 29 रनों से आगे अपनी पारी को नहीं ले जा पाए. 122 के कुल स्कोर पर वह रहमत शाह की गेंद पर पगबाधा आउट करार दे दिए गए. शंकर ने रिव्यू लिया जो असफल रहा. इस बीच कोहली ने अपने वनडे करियर का 52वां अर्धशतक जमा दिया था, लेकिन नबी की गेंद पर कट करने गए कोहली को रहमत ने लपक लिया. कोहली ने 63 गेंदों पर पांच चौके लगाए. भारत का स्कोर 30.3 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 135 रन था. यहां भारत के लिए संकट की घड़ी थी, और अब उसका दारोमदार महेंद्र सिंह धोनी और जाधव पर था. दोनों ने मिलकर भारत के खाते में 57 रनों का इजाफा किया.

धोनी के सामने रनगति तेज करने का दवाब था. इसी दवाब में धोनी ने राशिद खान को निकल कर मारने के प्रयास किया और अपने वनडे करियर में दूसरी बार स्टम्पिंग आउट हुए. इससे पहले वो 20 मार्च 2011 को चेन्नई में वेस्टइंडीज के खिलाफ देवेंद्र बिशू गेंद पर स्टम्प हुए थे. इत्तेफाक से धोनी दोनों बार अपने वनडे करियर में विश्व कप में ही स्टम्प हुए हैं. धोनी ने 52 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 28 रन ही बनाए. धोनी के बाद हार्दिक पांड्या से तेजी से रन बनाने की उम्मीद थी जो जल्दी खत्म हो गई. पांड्या ने सिर्फ सात रन बनाए. मोहम्मद शमी ने एक रन बनाया. शमी के बाद जाधव भी गुलबदीन की गेंद पर नूर अली जादरान को कवर्स पर आसान सा कैच देकर पवेलियन लौट लिए. उन्होंने 68 गेंदों की पारी में तीन चौके और एक छक्का मारा.