साउथैम्पटन : जब से विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बने हैं, तब से मीडिया और टीम का वैसा रिश्ता नजर नहीं आता, जैसा पहले कभी हुआ करता था. विराट कोहली (Virat Kohli) के कप्तान बनने के बाद से ही टीम, मीडिया से दूरी बनाकर रखती है. सोमवार को तो इस मसले पर तब विवाद हो गया, जब टीम इंडिया (Team India) ने प्रस्तावित कार्यक्रम के बावजूद अपने खिलाड़ी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं भेजा. टीम इंडिया की ओर से दो ऐसे खिलाड़ी भेजे गए, जो इसके सदस्य ही नहीं हैं. इससे नाराज मीडिया ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का ही बहिष्कार कर दिया.

आईसीसी विश्व कप (World Cup 2019) के दौरान प्रोटोकॉल के मुताबिक आईसीसी टीम दिन का कार्यक्रम मीडिया को मुहैया कराती है. इसमें टीम के प्रैक्टिस और मीडिया के साथ बात करने के वक्त की जानकारी होती है. भारतीय क्रिकेट टीम 24 मई को विश्व कप खेलने पहुंची थी. तब से सिर्फ एक बार भारत के खिलाड़ी ने मीडिया से बात की है. बांग्लादेश के खिलाफ वार्म अप मैच में शतक बनाने के बाद केएल राहुल ने मीडिया से बात की थी. तब से अब तक टीम के 4 प्रैक्टिस सेशन हो चुके हैं, लेकिन किसी खिलाड़ी या कोचिंग स्टाफ ने मीडिया से बात नहीं की है.

सोमवार को खबर दी गई कि भारतीय टीम का कोई खिलाड़ी मीडिया से बात करेगा. लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के शुरू होने से ठीक पहले बताया गया कि दीपक चाहर और आवेश खान मीडिया से बात करेंगे. ये दोनों गेंदबाज नेट प्रैक्टिस कराने के लिए भारतीय टीम के साथ हैं.

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भारतीय मीडिया इस बात से बेहद नाराज हुई कि विश्व कप टीम का कोई खिलाड़ी उनसे बात करने नहीं आया. हालांकि, टीम की ओर से पहले यह नहीं बताया गया था कि मीडिया से बात करने कौन खिलाड़ी आएगा. लेकिन उम्मीद यही थी कि वह खिलाड़ी उस 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा होगा, जिसे विश्व कप में खेलना है.

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बीसीसीआई के अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि अब तक टीम ने विश्व कप में एक भी मैच नहीं खेला है तो वो क्या बात करेंगे. इसके बाद सभी पत्रकारों ने खिलाड़ियों से बात करने की बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार कर दिया. भारतीय टीम को विश्व कप में अपना पहला मैच बुधवार (5 जून) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलना है.