भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) भले ही टीम इंडिया के लिए एक भी टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं  खेलें हों बावजूद इसके उन्होंने क्रिकेट के इस छोटे फॉर्मेट का समर्थन करते हुए कहा है कि अगर वह इस दौर में खेल रहे होते तो सबसे छोटे प्रारूप की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने खेल में बदलाव करते. Also Read - IPL 2020: किंग्स इलेवन पंजाब के साथ बतौर नेट गेंदबाज यूएई जा सकते हैं विदर्भ के दो युवा तेज गेंदबाज

गांगुली ने बीसीसीआई के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के जरिए टेस्ट टीम के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के सवाल के जवाब में कहा, ‘टी20 बहुत महत्वपूर्ण है. मैं खुद के खेल में इसके लिए बदलाव किया होता. यह आपको खुलकर खेलने की आजादी देता है.’ Also Read - करुण नायर को कोविड-19 नहीं केवल सिर्फ हल्का बुखार था: KXIP के सीईओ

आईपीएल में की कोलकाता नाइटराइडर्स की कप्तानी 

भारत के लिए 113 टेस्ट और 311 एकदिवसीय खेलने वाले पूर्व कप्तान उस समय अपने करियर के आखिरी दौर में था जब इस प्रारूप को देश में अपनाया जा रहा था. उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) की कप्तानी की और फिर पुणे वारियर्स के लिए भी खेले.

‘उठाया टी20 का लुत्फ’

बकौल गांगुली, ‘मुझे टी20 खेलना पसंद था, हालांकि मैंने आईपीएल के पहले पांच साल खेले है. मुझे लगता है कि मैंने टी20 का लुत्फ उठाया था.’गांगुली ने आईपीएल में कुल 59 मैच खेले.