
Arun Kumar
नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और ... और पढ़ें
देश को ओलंपिक, कॉमनवेल्थ खेलों, वर्ल्ड चैंपियनशिप समेत कई बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक दिलाने वाले नामी पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के खिलाफ बुधवार से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं. देश के ये सभी पहलवान कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह और अन्य अधिकारियों के खिलाफ धरने पर हैं. इन्होंने फेडरेशन पर महिला पहलवानों और महिला कोचों के साथ यौन उत्पीड़न और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
धरने का आज दूसरा दिन है और इस बीच खेल मंत्रालय ने इन पहलवानों के एक प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया है, जबकि मंत्रालय ने कल ही फेडरेशन को 72 घंटे में इन खिलाडियों के आरोपों का जवाब देने के आदेश दिया था.
सरकार की ओर से गुरुवार को पहलवान और बीजेपी नेता बबीता फोगाट एक संदेश लेकर यहां पहुंची थीं. इसके बाद विनेश फोगाट और बजंरग पूनिया खेल मंत्रालय में बातचीत के लिए गए थे. पहलवानों से सरकार से फेडरेशन को भंग करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. खेल मंत्रालय ने पहलवानों के प्रतिनिधि मंडल को बुलाया था लेकिन इस बातचीत में फेडरेशन की ओर से किसी को भी बुलाया नहीं गया.
खेल मंत्रालय के साथ पहलवानों के प्रतिनिधिमंडल की मीटिंग खत्म हो गई है और मीटिंग से आए पहलवान जंतर मंतर पर अपने साथियों के साथ बातचीत कर रहे हैं कि सरकार ने उनकी मांगों को लेकर क्या कहा है.
इसके बाद वह मीडिया को इस मीटिंग का फलसफा बताएंगे. इस बीच मीडिया में ये खबरें आ रही हैं कि फेडरेशन के अध्यक्ष और बृज भूषण शरण 22 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. पहलवानों के इस धरने प्रदर्शन में लगभग सभी बड़े पहलवान शामिल थे, जो देश के लिए सभी प्रतियोगिताओं में देश को मेडल जिता रहे हैं.
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